SP-Congress की सीट शेयरिंग पर इन 3 सीटों ने फंसाया पेच, राहुल की यात्रा में शामिल नहीं होंगे अखिलेश

UP News: राहुल गांधी की 'भारत जोड़ों न्याय यात्रा' इस समय उत्तर प्रदेश के कई गांवों-शहरों से गुजर रही है। लेकिन अखिलेश यादव ने राहुल गांधी की यात्रा से दूरी बनाई हुई है।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक मैदान है। देश की सबसे अधिक लोकसभी सीटें उत्तर प्रदेश में है। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे के मुद्दे पर सोमवार देर रात कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की बैठक हुई लेकिन ये बेनतीजा रहा। अखिलेश यादव अबतक राहुल गांधी की 'भारत जोड़ों न्याय यात्रा' में शामिल नहीं हुए।

अखिलेश यादव राहुल गांधी की 'भारत जोड़ों न्याय यात्रा' से बनाई दूरियां

राहुल गांधी की 'भारत जोड़ों न्याय यात्रा' इस समय उत्तर प्रदेश के दौरे पर है। सोमवार को राहुल गांधी अमेठी पहुंचे, वहां उन्होंने लोगों से संवाद किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। सोमवार को अमेठी से सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी अमेठी के दौरे पर थीं। सोमवार को राहुल गांधी के पहुंचते ही उत्तर प्रदेश में सियासी हलचलें तेज हो गई। देर रात कर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की सीट बंटवारे को लेकर बैठक हुई। दोनों पार्टियां इस मुद्दे पर उलझी हुई हैं। इसी कारण समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव राहुल गांधी की 'भारत जोड़ों न्याय यात्रा' से दूरियां बना रहा हैं। संभावना है कि आज राहुल गांधी की यात्रा रायबरेली पहुंचेगी, आजतक न्यूज चैनल की खबर के अनुसार, जबतक सीट बंटवारे पर सहमति नहीं हो जाती वो यात्रा में शामिल नहीं होंगे।

SP 17 सीटें कांग्रेस को देने को तैयार?

आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 17 सीटें कांग्रेस को देना चाहती है। जिसमें अमेठी, रायबरेली, वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, बांसगांव, महाराजगंज, बाराबंकी, कानपुर, झांसी, मथुरा, फतेहपुर सीकरी, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हाथरस और सहारनपुर लोकसभा सीट शामिल है। इस पर दोनों दलों की ओर से सहमति बनी है।

कहां आ रहीं अड़चन?

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में मुरादाबाद, बिजनौर और बलिया की सीट पर अड़चने आ रही हैं, दोनों दल इन तीनों सीटों से अपने उम्मीदवारों को उतारना चाहती है। न कांग्रेस पीछे हटना चाहती है और न ही समाजवादी पार्टी। मुरादाबाद और बिजनौर पश्चिम उत्तर प्रदेश का विशेष भाग है। इन दोनों क्षेत्रों में मुसलमानों की आबादी ज्यादा है, यहां के निवासी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों को ही वोट देने में सक्षम है। इसलिए दोनों पार्टियां इस क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाना चाहती है। इसी के साथ बलिया पूर्वी उत्तर प्रदेश का क्षेत्र है, और इसकी सीमा बिहार से लगती है। कांग्रेस अगर बलिया सीट जीत जाएगी तो उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में अपना परचम लहरा पाएगी।

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