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Monday, March 16, 2026
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माघी पूर्णिमा पर संगम की रेती से विदा होने लगे कल्पवासी

-तीर्थराज प्रयाग में माघ मेले का औपचारिक समापन महाशिवरात्रि को प्रयागराज, 27 फरवरी (हि.स.)। तीर्थराज प्रयाग में संगम की रेती पर माघ पर्यन्त चल रहे कल्पवास का शनिवार को समापन हो गया। माघी पूर्णिमा पर पुण्य की आखिरी डुबकी के साथ माघ मेले से ये कल्पवासी आज से विदा भी होने लगे हैं। हालांकि कुछ साधू-संत अभी महाशिवरात्रि तक माघ मेले में प्रवास करेंगे। कल्पवासियों ने शुक्रवार से ही अपने प्रस्थान की तैयारी कर ली थी। वे कल दिन भर अपना सामान समेटते रहे। आज भोर में ही माघी पूर्णिमा का स्नान करने के बाद दान दक्षिणा और पूजापाठ करके लगभग सभी कल्पवासी अपने घरों के लिए प्रस्थान करने लगे। पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक होता है कल्पवास प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी-संगम तट पर हर साल पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक कल्पवास का अनुष्ठान होता है। इसके लिए लाखों की संख्या में साधु-संत और गृहस्थ महीने भर के लिए घर-गृहस्थी से दूर, सुख-सुविधाओं का त्याग कर यहां जुटते हैं और संगम की रेती में भजन, पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इस दौरान वे दिन में तीन बार गंगा स्नान और एक बार स्वयं का बनाया हुआ भोजन-प्रसाद ग्रहण करते हैं। किसी का दिया हुआ कुछ भी नहीं लेते बल्कि दूसरों को दान करते हैं। कल्पवास आरम्भ करते समय अपनी कुटिया के बाहर ये श्रद्धालु तुलसी का पौधा और जौ रोपते हैं। यहां से प्रस्थान करते वक्त इन पौधों को वे प्रसाद स्वरूप अपने साथ ले जाते हैं। हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा, मुख्यमंत्री ने किया वंदन कल्पवास के समापन के अवसर पर माघी पूर्णिमा के दिन राज्य सरकार ने हेलीकॉप्टर से आज सुबह कल्पवासियों और अन्य श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा करवाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कल्पवासियों का वंदन किया और कहा कि माघी पूर्णिमा का दिन कल्पवासियों का विशेष पर्व है। उन्होंने कहा कि तीर्थराज प्रयाग में इस दिन स्नान, दान एवं यज्ञ का विशेष महत्व है। मेले का औपचारिक समापन महाशिवरात्रि को यद्यपि माघी पूर्णिमा के साथ पवित्र संगम तट पर एक माह से चल रहा माघ मेला एक तरह से आज समाप्त हो गया लेकिन इसका औपचारिक समापन महाशिवरात्रि के स्नान के साथ 11 मार्च को होगा। वैसे कुछ संत-महात्मा महाशिवरात्रि तक मेला क्षेत्र में रहेंगे, लेकिन इनकी संख्या काफी कम है। इस वर्ष कोरोना संकट के चलते माघ मेले के आयोजन को लेकर काफी संशय था। लेकिन, मेला अब लगभग समापन की ओर है। कोरोना काल में प्रयागराज प्रशासन ने न सिर्फ मेले का आयोजन कराया बल्कि इस मेले में कोरोना संक्रमण का प्रसार भी नहीं हुआ। इसे प्रशासन की उपलब्धि माना जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी

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