back to top
17.1 C
New Delhi
Friday, March 20, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

हमीरपुरः हीमोफीलिया बीमारी ने दी दस्तक, 110 बच्चे बीमार

हमीरपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। बच्चे में यदि दांत निकल रहे हैं और उसके मसूढों से लगातार खून बह रहा है तो यह हीमोफीलिया बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। यह बीमारी एक अनुवांशिक है, जिसमें शरीर से लगातार रक्त बहता है। हालांकि यह समस्या 10 हजार में से कहीं एक को होती है। जनपद में इस बीमारी से 110 मरीज इलाज करा रहे हैं। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आशुतोष निरंजन ने शुक्रवार को बताया कि यह रोग अनुवांशिक होता है। पीड़ित में क्लोटिंग फैक्टर अर्थात खून के थक्के बनना बंद हो जाते हैं। सामान्य लोगों में जब चोट लगती है तो खून में थक्के बनाने के लिए जरूरी घटक खून में मौजूद प्लेटलेट्स से मिलकर उसे गाढ़ा कर देते हैं। इस तरह खून अपने आप बहना बंद हो जाता है। लेकिन जो लोग हीमोफीलिया से पीड़ित होते हैं, उनमें थक्के बनाने वाला घटक बहुत कम होता या होता ही नहीं है। इसलिए उनका खून ज्यादा समय तक बहता रहता है। अक्सर इस रोग का पता आसानी से नहीं चलता, जब बच्चे के दांत निकलते हैं और खून बहना बंद नहीं होता तब इस बीमारी के बारे में पता चलता है। डॉ.निरंजन बताते हैं जिस तरह शादी से पहले कुंडली मिलाई जाती है, उसी प्रकार आने वाले गम्भीर बीमारियों जैसे डायबिटीज, हीमोफिलिया, कैंसर, रोगों से बचने के लिए मेडिकल हिस्ट्री जानना बहुत जरूरी है। साथ ही गर्भधारण से पूर्व माता और पिता का मेडिकल चेकअप होना आवश्यक है। जिससे समय रहते इलाज होना सम्भव होता है। पूरे बुंदेलखंड में मेडिकल कॉलेज झांसी में ही इस बीमारी का निःशुल्क उपचार है। क्लोटिंग फैक्टर-प्रोटीन को इंजेक्शन के जरिए दिए जाता है। हीमोफीलिया के प्रकार हीमोफीलिया ए-यह बेहद सामान्य प्रकार का हीमोफीलिया होता है, इसमें रक्त के थक्के बनने के लिए आवश्यक फैक्टर की कमी हो जाती है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज झांसी में फैक्टर के 101 मरीज इलाज ले रहे हैं। हीमोफीलिया बी-यह दुर्लभ प्रकार का हीमोफीलिया होता है, इसमें क्लोटिंग फैक्टर की कमी हो जाती है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज झांसी में फैक्टर के 9 मरीज इलाज ले रहे हैं। हर वर्ष 17 अप्रैल को मनाया जाता है यह दिवस हीमोफीलिया बीमारी को लेकर जागरूकता के लिए हर वर्ष 17 अप्रैल को विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाया जाता है। यह विश्व फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया की एक पहल है। इस वर्ष की थीम-एडॉप्टिंग द चेंज सस्टेनिंग केयर इन अ वर्ल्ड यानी ‘एक नई दुनिया, जिसमें निरंतर देखभाल की आदत डालना’ है। हिन्दुस्थान समाचार/पंकज/विद्या कान्त

Advertisementspot_img

Also Read:

Children’s Day 2025: एक दौर में छाए रहे ये बाल कलाकार, जानिए आज कहा हैं ये चमकते चेहरे

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 14 नवंबर पूरे देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह दिन बच्चों की मुस्कान और मासूमियत के नाम...
spot_img

Latest Stories