सरकार के प्रयासों से नई ऊंचाई को छू रहा गुड़ महोत्सव, स्थानीय उत्पादों की होगी ब्रांडिंग - योगी आदित्यनाथ

gur-mahotsav-is-reaching-new-heights-with-the-efforts-of-the-government-local-products-will-be-branded---yogi-adityanath
gur-mahotsav-is-reaching-new-heights-with-the-efforts-of-the-government-local-products-will-be-branded---yogi-adityanath

- गुड़ की सोंधी खुशबू से महका लखनऊ, मुख्यमंत्री ने महोत्सव का किया उद्घाटन लखनऊ, 06 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी में दो दिवसीय राज्य गुड़ महोत्सव 2021 का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य के 60 लाख किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से 'राज्य गुड़ महोत्सव' नई ऊंचाइयों को छूता दिख रहा है। स्थानीय उत्पाद को बाजार मिले व उसकी ब्रांडिंग हो सके। गुड़ देश-दुनिया में किसानों को अधिक से अधिक मूल्य दिला सके, इस उद्देश्य से यह कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ है। खांडसारी उद्योग के लिए आवेदन करने के चंद घंटे में मिल रहा लाइसेंस उन्होंने कहा कि आज खांडसारी उद्योग के लिए आवेदन करने के कुछ घंटे के अंदर लाइसेंस मिल जाता है, जिसका शुल्क भी पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। अब 15 किलोमीटर की जगह 7.5 किलोमीटर के दायरे में कोई भी खांडसारी उद्योग लगाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली, अयोध्या, लखीमपुर जैसे गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों के किसानों को गुड़ न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि देश-दुनिया में भी लाभकारी मूल्य दिला रहा है। गन्ना किसानों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने की हुई पहल मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गन्ना किसानों के जीवन में हम व्यापक बदलाव ला सकें इसके लिए उन्हें नई तकनीक के साथ जोड़ने और ऑनलाइन पर्ची की व्यवस्था करने का हमारा प्रयास है। प्रदेश सरकार ने चीनी मिलों से किसानों को 1,25,600 करोड़ की गन्ना फसल के मूल्य का भुगतान कराया है। कोरोना काल के दौरान भी हम लोगों ने चीनी मिलों को चलाया और उन्हें भुगतान की प्रक्रिया के साथ जोड़ा। उन्होंने गुड़ महोत्सव के अवसर पर गन्ना किसानों के जीवन में होने वाले व्यापक परिवर्तन के लिए गन्ना विभाग, चीनी उद्योग विभाग को बधाई दी। गुड़ उत्पादकों को उत्तम गुणवत्ता के लिए प्रेरित करेगा महोत्सव गन्ना मंत्री सुरेश राणा के मुताबिक राज्य गुड़ महोत्सव 2021 के आयोजन का उद्देश्य गुड़ उत्पादकों को उत्तम गुणवत्ता के गुड़ तथा उसके सह-उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित करना एवं गुड़ के सह-उत्पादों तथा गुड़ के औषधीय लाभों के प्रति जन-जागरूकता का प्रसार करना है। उन्होंने बताया कि राज्य गुड़ महोत्सव प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाने में सामर्थ्यवान सिद्ध होगा तथा गुड़ की महत्ता एवं उससे जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। इस आयोजन से आम जनमानस में गुड़ के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि गुड़ एक प्राकृतिक स्वीटनर है और औषधीय गुणों से भरपूर है। आयुर्वेद में गुड़ को असंख्य औषधीय गुणों से भरपूर एक पोषक तत्व माना गया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के गुड़ उत्पादों का प्रदर्शन गुड़ महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आये गुड़ उत्पादकों द्वारा गुड़ एवं इसके सह-उत्पादों के स्टॅाल्स लगाये गये हैं। इनमें सोंठ, सौंफ, इलायची, तिल, मूंगफली, काजू, बादाम, केसर युक्त गुड़ एवं गुड़ के गुलगुले, गुड़ की खीर, गुड़ की अमृता चाय, गुड़ का लड्डू, गुड़ की कुल्फी, गुड़ का जलेबा, गुड़ का हलवा, गुड़ का मीठा पोंगल, आदि मुख्य आकर्षण का केन्द्र हैं। गुड़ उत्पादकों को राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय पटल पर मिलेगी पहचान सुरेश राणा ने बताया कि महोत्सव के दौरान विशेषज्ञों द्वारा गुड़ उद्योग की समस्याएं एवं सम्भावनाएं, गुड़ के औषधीय गुण एवं प्रदेश की आत्मनिर्भरता में गन्ना किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं की भूमिका से संबंधित व्याख्यान तथा गुड़ उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बौद्धिक परिचर्चा की जा रही है। गुड़ महोत्सव के आयोजन से गुड़ उद्योग का न केवल तीव्र विकास होगा बल्कि गुड़ उत्पादकों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय पटल पर पहचान भी मिलेगी। प्रदेश सरकार ने खाण्डसारी इकाइयों को किया पुर्नजीवित प्रदेश सरकार द्वारा खाण्डसारी इकाइयों को पुर्नजीवित करने का निर्णय करते हुए पेराई सत्र 2018-19 के लिए जारी खाण्डसारी लाइसेंसिंग नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किये गये। ऑनलाइन लाइसेंसिंग प्रणाली के अंतर्गत 100 घंटों के भीतर इकाइयों को लाइसेंस प्रदान किये गये। नई खाण्डसारी इकाइयों की स्थापना के लिए चीनी मिल से इसकी दूरी न्यूनतम 15 किलोमीटर को शिथिल करते हुए 7.5 कि.मी. निर्धारित किया गया। गुड़ के निर्माण और व्यवसाय में अग्रणी तीन जिलों मुजफ्फरनगर, अयोध्या एवं लखीमपुर खीरी को एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है, जिससे इस व्यवसाय को बढ़ावा मिल सके। नई खाण्डसारी इकाइयों से 1,110 करोड़ का होगा पूंजीगत निवेश प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की गयी इस व्यवस्था के कारण लगभग 25 वर्षों के पश्चात विगत तीन वर्षों में 267 नई खाण्डसारी इकाइयों के लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं, जिनसे लगभग 66,450 टीसीडी गन्ने की अतिरिक्त पेराई क्षमता सृजित होगी। इन इकाइयों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1,110 करोड़ का पूंजीगत निवेश होगा तथा लगभग 30 हजार लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। वर्तमान में प्रदेश में कुल 365 गुड़ एवं खाण्डसारी इकाइयां तथा 5650 कोल्हू क्रेशर संचालित हैं। समापन कार्यक्रम रविवार को दो दिवसीय राज्य गुड़ महोत्सव-2021 में के समापन कार्यक्रम के दौरान पीएसी बैण्ड द्वारा भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा। समापन कार्यक्रम 07 मार्च को सायं पांच बजे किया जायेगा। हिन्दुस्थान समाचार/संजय

Related Stories

No stories found.