नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी और नकली या मिलावटी उर्वरक को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मिलावटी या नकली खाद बेचने वाले किसी भी स्तर के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्नदाता किसानों को खाद उपलब्ध कराने में कोई बाधा नहीं हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की अनुमति न दी जाए।
खाद की उपलब्धता और वितरण पर कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि खाद की समुचित उपलब्धता और सुचारू वितरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सहकारिता और कृषि मंत्री प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा करेंगे। कार्यालय से हर जिले पर सीधी निगरानी रखी जाएगी। डीएपी, यूरिया और पोटाश केवल तय सरकारी दरों पर ही उपलब्ध कराए जाएं और ओवर रेटिंग या गड़बड़ी कतई स्वीकार्य नहीं होगी।
औचक निरीक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित
जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे खाद की दुकानों और समितियों पर औचक निरीक्षण करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या गड़बड़ी पाए जाते हैं, तो तत्काल जवाबदेही तय की जाएगी और खुली विजिलेंस जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि प्रदेश में खाद संकट पैदा करने या कृत्रिम अभाव दिखाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
प्रदेश में उपलब्ध खाद की स्थिति
बैठक में बताया गया कि 16 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध हैं। यूरिया में सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र 2.30 लाख मीट्रिक टन, जबकि एनपीके में सहकारी क्षेत्र 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र 2.79 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध हैं।
किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े
रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया वितरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।




