नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के छठे चरण की वोटिंग से पहले समाजवादी पार्टी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जिसमें समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे और पत्नी को बर्थ सर्टिफिकेट मामले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। इसके साथ अदालत ने आजम की सात साल की सजा पर भी रोक लगा दी है। हालांकि पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम की सजाओं पर यह रोक नहीं लगाई गई है।
आजम खान की पत्नी और बेटे को मिली जमानत
इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद आजम खान की पत्नी और बेटे को जमानत मिल गई है। लेकिन कोर्ट ने आजम खान की पत्नी और बेटे की सजा पर रोक लगाने वाली अर्जियों को नामंजूर कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने आजम खान और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्लाह आजम तीनों की जमानत यचिका को मंजूर कर लिया है।
बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना दर्ज कराया था केस
दराअसल, आजम खान को अब्दुल्ला के दो बर्थ सर्टिफिकेट के मामले में ये सजा हुई थी। आजम खान को यह सजा पिछले साल रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने दी थी। इस मामले में रामपुर के बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने तीन जनवरी, 2019 को आज़म खान, उनकी पत्नी डा० तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज कराया था।
क्या था अब्दुल्ला के दो बर्थ सर्टिफिकेट का मामला?
आकाश सक्सेना की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार आज़म खान और उनकी पत्नी डा० तंजीन ने बेटे अब्दुल्ला आज़म का एक बर्थ सर्टिफिकेट 28 जून साल 2012 को रामपुर की नगरपालिका परिषद से बनवाया गया था, जबकि दूसरा बर्थ सर्टिफिकेट 21 जनवरी 2015 को लखनऊ नगर निगम से जारी कराया गया था। पहले बर्थ सर्टिफिकेट में जन्म स्थान रामपुर बताया गया जबकि दूसरे में जन्म स्थान लखनऊ का क्वीन मैरी हॉस्पिटल बताया गया। इसके बाद आजम खान पर आरोप लगा कि उन्होंने अलग-अलग बर्थ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल अलग-अलग जगहों पर किया। आजम खान पर आरोप लगा कि अलग अलग बर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर उन्होंने दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड बनाकर उनका दुरूपयोग किया। इसके बाद 26 फरवरी 2020 को आजम खान परिवार ने रामपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया। आज़म खान को इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सत्ताइस महीने बाद जमानत मिली है।
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