– नई दिल्ली-हावड़ा ट्रंक मार्ग पर निर्बाध स्वचालित सिग्नलिंग की ओर बढ़ रही उत्तर मध्य रेलवे कानपुर, 20 मार्च (हि.स.)। कोरोना काल में भी उत्तर मध्य रेलवे सुगम यातायात संचालन के लिए लगातार प्रयासरत है तो वहीं प्रयागराज मंडल के मलवां-कुरस्ती कलॉ-फतेहपुर खंड में स्वचालित सिग्नलिंग स्थापित किया गया। जिससे अब यात्रा और भी कम समय के अंतराल में पूरी हो सकेगी। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अजीत कुमार सिंह उ.म.रे. प्रयागराज मंडल ने जानकारी दी है कि उत्तर मध्य रेलवे नई दिल्ली-हावड़ा ट्रंक मार्ग के प्रयागराज मंडल पर पड़ने वाले सबसे व्यस्त 751 किलोमीटर के हिस्से पर ट्रेन संचालन और अनुरक्षण करता है। देश के उत्तर से पूर्वी हिस्से की ट्रेनों के संचालन के लिए इस मार्ग पर गतिशीलता बहुत महत्वपूर्ण है। इस महत्वपूर्ण खंड में ट्रेन हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए, कई महत्वपूर्ण कार्य जैसे कि तिहरीकरण, चौहरीकरण , फ्लाई ओवर, यार्ड रीमॉडेलिंग, स्वचालित सिग्नलिंग आदि किए जा रहे हैं, और कानपुर- गाजियाबाद और बम्हरौली-पं दीन दयाल उपाध्याय जं. खंड पहले से ही स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली से लैस हैं। गाजियाबाद से पं दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के मध्य पूर्ण रूप से स्वचालित सिग्नलिंग स्थापित करने के लिए वर्तमान में कानपुर-फतेहपुर खंड में स्वचालित सिग्नलिंग स्थापना का काम चल रहा था। इस कड़ी में, महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी के कुशल मार्ग निर्देशन के फलस्वरूप उत्तर मध्य रेलवे में परियोजनाओं के क्रियांवयन में को मिली गति के फलस्वरूप प्रयागराज मंडल और उत्तर मध्य रेलवे परियोजना इकाई के संयुक्त प्रयासों से 17 किलोमीटर के मलवां-कुरस्ती कलॉ-फतेहपुर खंड पर स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली स्थापना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर दिया गया। वर्तमान वित्त वर्ष में पूर्व निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सरसौल से फतेहपुर के मध्य 8 खंड में स्वचालित सिग्नलिंग का कार्य पूरा कर दिया गया है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और उत्तर मध्य रेलवे में किसी भी इकाई द्वारा एक वित्त वर्ष में की गई सर्वाधिक ऑटोमेटिक सिगनलिंग स्थापना है। इस महत्वपूर्ण कार्य को प्रमुख मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री अरुण कुमार के मार्गदर्शन में, मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर/ प्रोजेक्ट / उत्तर मध्य रेलवे भोलेंद्र सिंह के नेतृत्व में उप मुख्य संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर अजय चतुर्वेदी, कुश गुप्ता, वरिष्ठ मंडल संकेत व दूर संचार इंजीनियर श्री दिलीप राजपूत सहित अधिकारियों एवं कर्म चारियों की संयुक्त मल्टी- स्किल्ड टीम द्वारा निष्पादित किया गया है। यह कार्य इस अतिव्यस्त खंड की ट्रेन हैंडलिंग क्षमता में काफी वृद्धि करने के साथ ही समयपालनता को बेहतर करने में सहायक होगा। हिन्दुस्थान समाचार/हिमांशु/मोहित




