नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पुलिस और सरकार की भूमिका को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अब “इधर हथेली गर्म, उधर पुलिस नर्म” जैसी स्थिति बन गई है।
सपा नेता का आरोप है कि पहले पुलिस और अपराधी अलग-अलग दल की तरह काम करते थे, लेकिन आज संगठित अपराध में सरकार और पुलिस भी शामिल हो गई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार इस गठजोड़ की कप्तान बन चुकी है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि जब एफआईआर ही दर्ज नहीं होगी, तो अपराध के आंकड़े अपने आप कम दिखाए जाएंगे। उनका मानना है कि पुलिस और अपराधी अब एक ही टीम की तरह काम कर रहे हैं और स्थिति यह हो गई है कि बच्चों ने “चोर-पुलिस खेल” खेलना बंद कर दिया है।
”यूपी में अपराध में सरकार और पुलिस भी शामिल”
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य में संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था पर कड़ी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रम दर्शाते हैं कि अपराध में अब सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि सरकार और पुलिस भी शामिल हो गई हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और पुलिस अब बेईमानी और भ्रष्टाचार के पर्यायवाची बन चुके हैं। उनका कहना है कि पुलिस का भय जनता में अब नहीं बचा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी का दावा तो किया जाता है कि चौराहे पर पुलिस खड़ी होगी, लेकिन असल में बीजेपी यह नहीं बताती कि यह सिर्फ दिखावा है, पुलिस ले देकर अगले चौराहे तक ही खुद छोड़ देती है।
यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं का पतन
अखिलेश यादव ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की मंशा स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर करने की है, ताकि मरीज सरकारी अस्पतालों की बजाय प्राइवेट संस्थानों की ओर जाएं। अखिलेश यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई जिलों में गलत दवाओं का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने मैनपुरी का मामला बताते हुए कहा कि वहां गलत दवाएं दी गईं। उन्होंने दावा किया कि कफ सिरप का मामला लंबित रहता, तब तक Liver 52 घोटाला सामने आ गया।





