मालगड़ियों की औसत गति 50 किमी को निरंतर बनाये रखने को विद्युतीकरण पर बल
मालगड़ियों की औसत गति 50 किमी को निरंतर बनाये रखने को विद्युतीकरण पर बल

मालगड़ियों की औसत गति 50 किमी को निरंतर बनाये रखने को विद्युतीकरण पर बल

माल लदान को बढ़ाने के लिए किये जा रहे आधारभूत अवसंरचना में सुधार झांसी, 26 जुलाइ(हिं.स.)। उत्तर मध्य रेलवे ने निर्बाध और कुशल ट्रेन संचालन के लिए मिसिंग लिंक के विद्युतीकरण और अन्य बुनियादी ढांचे के कामों की पहचान की है। कोविड -19 संकट के बावजूद झांसी मंडल ने यात्री गाड़ियों की समय पालनता और मालगड़ियों की औसत गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव और सुचारु परिचालन से, उत्तर मध्य रेलवे ने जुलाई माह में 45 किलोमीटर प्रति घण्टे से अधिक की औसत गति प्राप्त की है। उत्तर मध्य रेलवे, मालगड़ियों की 50 किलोमीटर प्रति घण्टे की औसत गति को निरंतर बनाये रखने के अभियान पर काम कर रहा है। पहले से ही किए गए उपायों के अलावा, झांसी मंडल ने माल गाड़ियों की गति में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण विद्युतीकरण परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के कामों की पहचान की है। ट्रेन परिचालन में दक्षता लाने के लिए चिन्हित मिसिंग लिंक के विद्युतीकरण के अंतर्गत मंडल के बिड़ला नगर से इटावा के बीच 115.51 किलोमीटर, महोबा से उदयपुर (वाया खजुराहो) के बीच 386 किलोमीटर खंड का विद्युतीकरण शामिल हैं। पड़ोसी क्षेत्रीय रेलों में महत्वपूर्ण विद्युतीकरण कार्यों के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेलवे पर गुना से ग्वालियर के कार्य सम्मिलित हैं। इन महत्वपूर्ण विद्युतीकरण कार्यों के पूरा होने के साथ ही यात्री और मालगाड़ियां पूरी तरह से विद्युत ट्रैक्शन पर चलेंगी, जिससे लोकोमोटिव और क्रू के विद्युत से डीजल और डीजल से विद्युत के परिवर्तन किए बिना अपने संपूर्ण मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से परिचालित हो सकेंगी। यह झाँसी मंडल के साथ उत्तर मध्य रेलवे और आसपास के रेलवे पर माल गाड़ियों की औसत गति और कोचिंग ट्रेनों की समय पालनता में सुधार करने में बहुत सहायक होगा। विद्युतीकरण के अलावा, उत्तर मध्य रेलवे ने महत्वपूर्ण साइडिंगों को निकटस्थ सेवित रेलवे स्टेशनों के साथ जोड़्ने के ट्रैक कनेक्टिविटी कार्यों की पहचान के तहत ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी, ललितपुर जैसी साइडिंगों को चिन्हित किया गया है। इन साइडिंगों की कनेक्टिविटीके बैलेंस कार्य के पूरा होने से रेक हैंडलिंग और मालगाड़ियों की तीव्र निकासी में सुधार होगा। स्वीकृत और नियोजित रेल फ्लाईओवर कार्यों को भी लक्षित किया गया है। इनके पूरा करने से प्रमुख जंक्शन स्टेशनों पर कंजेशन और झांसी, ग्वालियर, में मौजूदा सरफेस क्रॉसिंग को कम करने का कार्य करेंगे। इससे ट्रेनों की तेजी से निकासी और परिचालन को सुचारु बनाने में सहायता मिलेगी। मंडल के नवगठित बिजनेस डेवलप्मेंट यूनिटों ने माल लोडिंग में नए अवसरों की पहचान की है। दतिया, डबरा, ललितपुर और रायरू से आईटीसी भोपाल आदि स्थानों के लिये अतिरिक्त ट्रैफिक हेतु स्टेशन से स्टेशन (एसटीएस) फ्रेट इंसेंटिव का प्रावधान आदि की पहचान की गयी है। साथ लोडिंग से संबंधित आधारभूत संरचना में भी सुधार करना महत्वपूर्ण है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश/मोहित-hindusthansamachar.in

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