राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा में PM मोदी के समर्थन में आए तमिलनाडु मठ के शंकराचार्य, 40 दिनों तक करेंगे विशेष पूजा

Ram Mandir: तमिलनाडु का कांचीपुरम स्थित कांची कामकोटि मठ के शंकराचार्य ने ऐलान किया है कि वह प्राण प्रतिष्ठा का समर्थन कर रहें है। और इसके लिए काशी की यज्ञशाला में 40 दिन की विशेष पूजा कर रहें है।
शंकराचार्य विजयेंद्र सारस्वत
शंकराचार्य विजयेंद्र सारस्वतRaftaar

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में इस समय राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां चल रहीं है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर जमकर राजनीति भी की जा रहीं है। समारोह को लेकर चारों प्रमुख पीठ के शंकराचार्य एकमत नजर नहीं आ रहे हैं। जहां एक तरफ ज्योतिष और गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह का विरोध कर रहे हैं, तो वहीं श्रृंगेरी मठ के शंकराचार्य कार्यक्रम का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच, तमिलनाडु का कांचीपुरम स्थित कांची कामकोटि मठ के शंकराचार्य ने ऐलान किया है कि वह प्राण प्रतिष्ठा का समर्थन कर रहें है और इसके लिए काशी की यज्ञशाला में 40 दिन की विशेष पूजा का आयोजन करेंगे।

चारों पीठ के शंकराचार्य ने किया प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार!

दरअसल, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विपक्ष की ओर से भी इस बात का दावा किया गया है कि चारों पीठ के शंकराचार्य ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार किया है। अब इसी बीच कांची कामकोटि मठ के शंकराचार्य के इस ऐलान के बाद से इस पर राजनीति और तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, कांची कामकोटि मठ के शंकराचार्य 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के साथ यज्ञ की शुरुआत कर रहें है, जो अगले 40 दिनों तक चलेगी।

काशी स्थित यज्ञशाला में 40 दिनों तक होगी विशेष पूजा

शंकराचार्य विजयेंद्र सारस्वत ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन काशी स्थित हमारे यज्ञशाला में 40 दिनों तक विशेष पूजा की जाएगी। उन्होंने कहा, "भगवान राम के आशीर्वाद से अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। हमारे काशी स्थित यज्ञशाला में भी इस मौके पर 40 दिन की विशेष पूजा की जाएगी, जो कि राम मंदिर कार्यक्रम के साथ शुरू होगी। पूजा वैदिक विद्वानों की मार्गदर्शन में होगी, इनमें लक्ष्मी कांत दीक्षित भी शामिल हैं। 100 से ज्यादा पुजारी इस दौरान पूजा और हवन करेंगे।"

कौन है श्रृंगेरी मठ के शंकराचार्य?

इस दौरान शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी देश भर के तीर्थ स्थलों और परिसरों के विकास पर भी काफी जोर दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में केदारनाथ और काशी विश्वनाथ मंदिरों का विस्तार हुआ है। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि हम तो चार शंकराचार्य के बारे में जानते है। ये पांचवे नए शंकराचार्य कौन है। तो आपको जानकारी के लिए बता दें कि यहां के शंकराचार्य भी खुद को अन्य चार शंकराचार्य की तरह मानते हैं। हालांकि, प्रमुख चारों पीठ के शंकराचार्य उन्हें शंकराचार्य नहीं मानते हैं।

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