जयपुर, 06 मार्च (हि. स.)। राजस्थान की जेलों में विभिन्न अपराधों की सजा काट रही महिला बंदी भी इस साल 8 मार्च को विश्व महिला दिवस मनाएगी। इसके लिए बंदी कल्याण कोष से विशेष बजट का प्रावधान किया गया है। इस उपलक्ष्य में सोमवार को महिला बंदी सुधार गृहों तथा अन्य कारागृहों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महानिदेशक जेल राजीव दासोत ने इस संबंध में सभी जेल अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। डीजी जेल दासोत के अनुसार पहली बार महिला बंदियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस खास बनेगा। महिला बंदी सुधार गृहों में इस अवसर पर कई नवाचार वाले कार्यक्रमों का आयोजन होगा। सभी महिला बंदियों को स्पेशल डाइट दी जाएगी। उन्हें कैदियों के कपड़ों के स्थान पर रंगीन कपड़े पहनने की छूट दी जाएगी। कारागृहों में महिला बंदियों के लिए रंगोली, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला बंदियों को अपने परिजनों से ज्यादा समय तक बात करने का अवसर मिलेगा। डीजी ने इस दिन एसटीडी पर बात करने की समय सीमा को पांच मिनट से बढ़ाकर पन्द्रह मिनट कर दिया है। महिला बंदियों को वीडियो कॉन्फे्रंसिंग पर भी पन्द्रह मिनट बात करने की अनुमति होगी। दासोत ने बताया कि सभी संभाग मुख्यालयों पर सात महिला बंदी सुधार गृह है। अधिकांश जिला कारागृहों तथा खुले बंदी शिविरों में भी महिला बंदी निरूद्ध रहती है। वर्तमान में राज्य के कई कारागृहों में महिला बंदियों के साथ-साथ उनके बच्चे भी रहते हैं। डीजी जेल ने महिला दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए बंदी कल्याण कोष से विशेष बजट की व्यवस्था की है। इस अवसर पर सराहनीय कार्य करने वाली महिला बंदियों को जेल प्रभारियों द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप





