जयपुर, 01 जून(हि.स.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए जीएसटी परिषद की बैठक के बाद गठित मंत्री समूह (जीओएम) में कांग्रेस के प्रतिनिधिओं को शामिल नहीं करने का विरोध किया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ट्विट के जरिए विरोध जताते हुए लिखा कि केन्द्र सरकार ने 28 मई, 2021 को जीएसटी परिषद की बैठक के बाद एक जीओएम का गठन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार द्वारा जान बूझकर जीएसटी परिषद में तीन सदस्यों वाली प्रमुख विपक्षी दल, कांग्रेस को जीओएम से बाहर रखने का प्रयास किया गया है। जीएसटी परिषद में केवल भाजपा के अधिक सदस्य हैं। कांग्रेस सदस्यों को जीओएम में शामिल नहीं करना सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है और सहकारी संघवाद की जड़ों पर प्रहार है। यह उल्लेख करना उचित है कि पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु राज्यों में से, जिन्होंने प्रस्तावित एजेंडे के विपरीत रुख अपनाया था, किसी को भी जीओएम में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हम जीओएम के आठ सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे अपने विचार-विमर्श के साथ आगे बढ़ने से पहले कांग्रेस के वित्त मंत्रियों के बहिष्कार पर विचार करें। हम जीओएम के सदस्यों से राजस्थान और अन्य उल्लेखित राज्यों द्वारा व्यक्त विचारों को ध्यान में रखने का भी आग्रह करते हैं, जिसमें हमने जनहित में कोविड से संबंधित सामानों की आपूर्ति के लिए शून्य कर दर के लिए कहा था। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप / ईश्वर




