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विश्नोई जाति को ओबीसी में शामिल करने के लिए केन्द्र को भेजी सिफारिश

जयपुर, 28 मार्च (हि.स.)। मारवाड़ और नहरी क्षेत्र में बड़ा वोट बैंक माने जाने वाले विश्नोई समाज को ओबीसी की केन्द्रीय सूची में शामिल करने के लिए गहलोत सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अपनी सिफारिश भेज दी है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के निदेशक और संयुक्त शासन सचिव ओपी बुनकर की ओर से दो दिन पहले आयोग के सदस्य सचिव को भेजी गई चि_ी में विश्नोई जाति को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई है। चि_ी के साथ जरूरी दस्तावेज भी आयोग को भेजे गए हैं। राजस्थान में अभी ओबीसी की राज्य सूची में 91 जातियां हैं। इनमें से कई जातियां केंद्रीय सूची में शामिल नहीं है। विश्नोई जाति को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने की कई दिनों से मांग चल रही है। पिछले दिनों वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई की अगुवाई मेंं विश्नोई समाज के कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने अशोक गहलोत से मिलकर राष्ट्रीय ओबीसी आयोग को सिफारिशी चि_ी भेजने की मांग की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई के साथ भाजपा विधायक पब्बाराम विश्नोई, बिहारीलाल विश्नोई, कांग्रेस विधायक किशनाराम विश्नोई, महेंद्र विश्नोई शामिल थे। राजस्थान में विश्नोई जाति ओबीसी में शामिल है। एक जनवरी 2000 को विश्नोई जाति को राज्य ओबीसी की सूची में 60वें नंबर पर शामिल किया था। विश्नोई जाति को राजस्थान में तो ओबीसी आरक्षण मिल रहा है, लेकिन केंद्रीय सेवाओं में इसका लाभ नहीं मिल रहा। विश्नोई अभी ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल नहीं है। ओबीसी की राज्य सूची में शामिल जाति को केवल उसी राज्य में आरक्षण का लाभ मिलता है। केंद्रीय सूची में शामिल जाति को केंद्रीय सेवाओं में भी आरक्षण का लाभ मिलता है। ओबीसी की केंद्रीय सूची में कोई जाति तभी शामिल हो सकती है जब संबंधित राज्य सरकार राष्ट्रीय ओबीसी आयोग को सिफारिश करें। उसके बाद राष्ट्रीय ओबीसी आयोग उस जाति की पात्रता जांच कर अपनी सिफारिश करता है उसके बाद कोई जाति केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल की जाती है। इसके लिए लंबी प्रक्रिया होती है। विश्नोई जाति का राजस्थान के मारवाड़ और नहरी क्षेत्रों में अच्छा प्रभाव है। यह एक बड़ा वोट बैंक है। विश्नोई मुख्य रूप से किसान वर्ग में आते हैं। कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहा है। कुछ अरसे से भाजपा ने भी इस वोट बैंक में सेंध लगा ली है। एनसीआर और हरियाणा के अलावा मध्यप्रदेश और यूपी के कुछ इलाकों में भी विश्नोई वोट अच्छी संख्या में है। राज्य की 30 विधानसभा सीटों पर विश्नोई वोट बैंक का सीधा प्रभाव है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर

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