नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजस्थान के भीलवाड़ा के एक स्पेशल कोर्ट ने दो लोगों को एक किशोरी का रेप करने और कोयले की भट्टी में जिंदा जलाने के मामले में फांसी की सजा सुनाई है। बता दें कि मामला पिछले साल अगस्त महीने में घटित हुआ था। मामले का फैसला जज अनिल गुप्ता ने सुनाया।
POSCO के तहत पाया दोषी
मामले के दोषी आपस में भाई हैं, जिनकी पहचान कालू और कान्हा के रूप में हुए हैं। दोनों कालेब्लिया जनजाति के ताल्लुक रखते हैं। दोनों भाइयों को शनिवार को POCSO के तहत दोषी पाया गया। मामले में कोर्ट ने तीन महिलाओं समेत सात अन्य व्यक्तियों को भी बरी कर दिया, जिन पर सबूत नष्ट करने का आरोप था।
हाई कोर्ट में फैसला किया जाएगा चैलेंज
बता दें कि लोगों को बरी करने के फैसले को राजस्थान हाई कोर्ट में चैलेंज किया जाएगा। बताते चलें कि जिन तीन महिलाओं को बरी किया गया है, उसमें से दो की शादी कथित तौर पर कालू और कान्हा के साथ हो रखी थी।
क्या कहना है सरकारी वकील का?
शनिवार को विशेष वकील महावीर सिंह किस्नावत ने बताया कि कालू और कान्हा को मौत की सजा सुना दी गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि कालू और कान्हा रेप और किशोरी की हत्या करने के दोषी पाए गए हैं। वारदात 3 अगस्त 2023 को घटित हुई थी। जानकारी के अनुसार किशोरी परिवार की भेड़-बकरियों को चरा रही थी जिस दौरान उसका यौन उत्पीड़न किया गया। घटना सहारनपुर के कोतरी तेहसिल के भीलवाड़ा जिले की है।
क्या कहती है फॉरेंसिक रिपोर्ट
मृत किशोरी के भाई ने बताया कि दोपहर में जब भेड़-बकरियां घर लौट आईं लेकिन उसकी बहन नहीं लौटी तो उन्हें शक हुआ। भाई ने बताया कि जिसके बाद परिवार उसकी तलाश में जुट गया। करीब घंटों तक खोजने के बाद रात 10 बजे उन्हें बारिश के दौरान एक भट्टी से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। जिसके बाद भट्टी का उन्होंने मुआइना किया तो उन्हें फटे हुए कपड़े और चप्पल मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। फॉरेंसिक की टीम ने जांच की और भट्टी से अधजले शरीर के हिस्से और हड्डियां पाईं, जिनसे पाया गया कि वह शरीर एक लड़की का है। साथ ही जांच में यह भी पता चला कि लड़की को जिंदा जलाया गया।
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