नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में बजट 2026 पेश किया। इस बार के बजट में भजन लाल सरकार ने खास तौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, युवा और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिन्हें राज्य को समृद्ध और भारत को विकसित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
क्या-क्या है बजट में शामिल?
राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में शिक्षा क्षेत्र पर खास ध्यान केंद्रित किया है। इस साल पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्ट एजेंसी का गठन किया जाएगा, जो नेशनल टेस्ट एजेंसी की तर्ज पर काम करेगी। बजट में 500 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने और प्रत्येक जिले के एक स्कूल को अपग्रेड करने का प्रावधान किया गया है, इसके लिए 51.10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कक्षा 8, 10 और 12 के मेधावी विद्यार्थियों को 20,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता सीधे DBT के माध्यम से दी जाएगी।
इसके अलावा, 800 स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जाएगा और 1,000 स्कूलों में AI लैब जैसी नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहीद और पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए वार्षिक 2,000 रुपये की छात्रवृत्ति का प्रावधान किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, सभी सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों के जीर्णोद्धार और रखरखाव के लिए 950 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, वहीं 150 कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
पूर्व सैनिक, महिला और युवाओं के लिए बड़े कदम
बजट में पूर्व सैनिकों, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के विकास को प्राथमिकता दी है। जोधपुर में मेजर शैतान सिंह प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों की वीरांगनाओं और बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, झुंझुनू में वार म्यूजियम बनाने की योजना भी शामिल है।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1.5 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। महिला सुरक्षा गार्ड और गाइड की नियुक्ति के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। युवाओं के लिए भी बड़े अवसर बनाए गए हैं। 1,000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें वैश्विक नौकरी और करियर के अवसर मिल सकें।
स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय CPR प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा, 100 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा और ट्रॉमा सेंटरों के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। लावारिस और विमंदित लोगों को आयुष्मान आरोग्य सेंटर के जरिए उपचार की सुविधा मिलेगी। जेके लोन अस्पताल में 500 बेड क्षमता वाला नया आईपीडी टावर बनाया जाएगा। सांस्कृतिक प्रोत्साहन के लिए संभाग स्तर पर लोक नृत्य उत्सव आयोजित किए जाएंगे। वहीं, सीकर, झुंझुनू और डीग-भरतपुर में नए एयरपोर्ट के लिए अध्ययन कराया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
पेंशनर्स के लिए बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ा ऐलान किया है। बजट 2026 में 8वें वेतन आयोग पर विशेष कमेटी बनाने की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के आर्थिक और पेशेवर विकास को सुनिश्चित करना है। सरकारी कर्मचारियों के लिए स्पेशल ‘सैलरी अकाउंट पैकेज’ पेश किया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को एडवांस डिजिटल बैंकिंग, रियायती दरों पर लोन और व्यापक बीमा कवर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। खास बात यह है कि ये लाभ सिर्फ सेवा में रह रहे कर्मचारियों तक सीमित नहीं, बल्कि 70 वर्ष तक के पेंशनर्स के लिए भी उपलब्ध होंगे।
अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए राज्य में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति वेतन विसंगतियों और प्रमोशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगी। साथ ही, प्रदेश के अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि उनकी कार्यक्षमता और पेशेवर दक्षता बढ़ सके।
आदिवासी जिलों जैसे डूंगरपुर, बांसवाड़ा और अन्य राजस्थान ग्राम अधिनियम से शासित गांवों में अब किसानों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए जाएंगे। इससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण लेने में आसानी होगी। स्वास्थ्य और पंचायत सुधार के लिए बजट में भी महत्वपूर्ण कदम रखे गए हैं। अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट के लिए विश्रामगृह बनाए जाएंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को ‘स्टेट अवॉर्ड’ दिया जाएगा। साथ ही, मत्स्य पालन के लिए खारे पानी वाले जिलों में सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।





