जयपुर, 28 अप्रैल (हि.स.)। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बुधवार को राजस्थान की ओर से पंजाब को दिए गए रेमडिसिवर इंजेक्शन को लेकर पनपे विवाद पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन पंजाब को देने से राजस्थान में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी नहीं आई है। उन्होंने साफ किया कि ये इंजेक्शन यहां रहते तो एक्सपायर हो सकते थे। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि हमने जब पंजाब को रेमडेसिविर इंजेक्शन दिए थे, तब हमारे पास केस बहुत कम थे और पंजाब में केस बहुत ज्यादा आ रहे थे। रेमडेसिविर इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट 3 महीने के आस-पास रहती है। हमारे पास जो इंजेक्शन थे, उनकी एक्सपायरी डेट 30 अप्रैल थी। उस वक्त पंजाब के मुख्यमंत्री ने हमसे रेमडेसिविर इंजेक्शन देने का अनुरोध किया था। इंजेक्शन यहां पड़े-पड़े एक्सपायर हो जाते, इसलिए भेज दिए लेकिन बाद में राजस्थान में अचानक केस बढ़ गए। चिकित्सा मंत्री डॉ. शर्मा ने 2000 से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का टेंडर निरस्त करने के मामले में भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह टेंडर रद्द नहीं किया है। वह आज भी कैंडल स्टैंड करता है। उन्होंने कहा कि 2300 ऑक्सीजन कन्सट्रेटर का आर्डर हमने दिया हुआ है। वह चाइना से आते हैं। चाइना ने इसे लाने वाले एयरक्राफ्ट पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब वह प्रतिबंध हटा दिया है। राज्य को बहुत जल्दी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिल जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत अन्य संसाधानों की कमी को लेकर मचे बवाल के बीच मंगलवार को गहलोत सरकार के तीन मंत्रियों का समूह कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल, डॉ. बीडी कल्ला और डॉ. रघु शर्मा के साथ एसीएस सुधांश पंत केन्द्र सरकार से मदद मांगने दिल्ली पहुंचा था। यहां मंत्रियों के समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केमिकल एंड फर्टिलाइजर मंत्री मनसुख मांडवीया से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। वहीं गृहमंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के हालात पर विस्तार से चर्चा कर मदद मांगी। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर




