अजमेर, 21जून(हि.स.)। प्रदेश के पटवारियों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में अतिरिक्त पटवार मण्डलों का कार्य नहीं करने के बहिष्कार आन्दोलन के फलस्वरूप काश्तकारों एवं ग्रामीणों के साथ साथ आम जन को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। राजस्व सम्बन्धित कार्यों में गत 6 माह से अनेक कठिनाइयां आ रही हैं। सांसद भागीरथ चैधरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्व मंत्री हरिश चैधरी एवं मुख्य सचिव निरंजन आर्य को पत्र लिखकर अविलम्ब आम जन को राहत देने की मांग की है। उन्होंने मीडिया को बताया कि वर्तमान में राजस्थान प्रदेश में पटवारियों के द्वारा वेतनमान वृद्धि की मांगों को लेकर अतिरिक्त पटवार हल्का अर्थात रिक्त पटवार मंडलों के बस्तों को पिछले 6 माह से तहसील कार्यालयों में जमा करा दिए जाने से आज करोड़ो काश्तकारों एवं ग्रामीणों को कई मूलभूत दैनिक आवश्यकताओं के सरकारी राजस्व संबंधी कार्यों के समुचित क्रियान्वयन नहीं होने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जैसे किसान क्रेडिट कार्ड( केसीसी), जाति प्रमाण पत्र,मूल निवास प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाण पत्र,चरित्र प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र आदि बनवाने के लिए, नामांतरण, विरासत एवं विक्रय (खरीद बेचान), पेंशन सत्यापन, गैर खातेदारी से खातेदारी आदि जैसे 20-25 मामलों में पटवारियों द्वारा कोई कार्य नहीं करने से आज तक अटके पड़े हुए हैं तो दूसरी ओर खेतों के सीमा ज्ञान, पत्थर गढ़ी, रास्तों के विवाद, समर्थन मूल्य या फसलों की खरीद हेतु पंजीयन के साथ-साथ गिरदावरी के अभाव में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं अन्य कृषक कल्याण कारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, खाद्य सुरक्षा योजना आदि के साथ साथ ग्राम पंचायतों द्वारा मनरेगा के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों में भूमि का चिन्हीकरण एवं सत्यापन आदि जैसे कार्य भी बाधित हो रहे हैं। हालाकि सरकार ने एक विभागीय आदेश निकाल कर पटवारियों की हड़ताल के दौरान संबंधित कार्य क्षेत्र के उच्चाधिकारियो यथा आर आई, नायब तहसीलदार, तहसीलदार आदि मदद कर रहे हैं। लेकिन उक्त राजस्व संबंधी कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाने से काश्तकारों एवं ग्रामीणों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि राजस्थान में वर्तमान में पटवारियों के लगभग 5000 रिक्त पद हैं जिसमें अकेले अजमेर संसदीय क्षेत्र में लगभग 600 पटवार मंडलों में तो आधे पद आज भी रिक्त हैं जो कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। तो दूसरी ओर इसी वर्ष राजस्व मंडल अजमेर द्वारा लगभग 500 पटवारी को पदोन्नति देकर गिरदावर बनाए जाने से इतने ही पद और रिक्त हो जाने से अब आने वाले समय में राजस्व सम्बन्धि कार्यों का और संकट गहराने की संभावना है। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/ ईश्वर




