जयपुर, 05 मई (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याता भर्ती में नियुक्ति से पहले मां बनने वाली अभ्यर्थी को राहत देते हुए उसे मातृत्व अवकाश के लिए पात्र माना है। अदालत ने राज्य सरकार को कहा है कि याचिकाकर्ता को मातृत्व अवकाश पर माना जाए। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता के अब तक अनुपस्थित रहने की अवधि को मातृत्व अवकाश में शामिल करने को कहा है। वहीं अदालत ने मामले में राज्य सरकार को जवाब पेश करने को कहा है। न्यायाधीश एसपी शर्मा ने यह आदेश अनिता यादव की याचिका पर दिए। याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड़ ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने गत 4 जनवरी को मां बनी थी। वहीं स्कूल व्याख्याता भर्ती में उसका चयन होने पर विभाग ने 18 मार्च को नियुक्ति पत्र जारी कर 10 अप्रैल तक कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता ने 22 मार्च को कार्यभार ग्रहण कर अगले दिन 23 मार्च को मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन कर दिया। जिसे अधिकारियों ने मौखिक आदेश जारी कर निरस्त कर दिया। इस पर याचिकाकर्ता को पचास दिन का चाइल्ड केयर लीव लेना पड़ा। याचिका में कहा गया कि मातृत्व अवकाश के लिए यह जरूरी नहीं कि संतान की उत्पत्ति नियुक्ति के बाद हुई हो। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता का मातृत्व अवकाश के पात्र मानते हुए राज्य सरकार को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर




