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Friday, March 20, 2026
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राजस्थान में अब पोस मशीनों से बनाये जाएंगे ई-चालान

– अब ना उड़नदस्तों को ना ही वाहन चालकों को नकद राशि रखने की पड़ेगी जरूरत जयपुर, 18 जून(हि.स.)। कोरोना काल में ऑक्सीजन परिवहन की सुनियोजित व्यवस्था के बाद परिवहन विभाग अब विभागीय कार्यप्रणाली में ई-नवाचारों को गति देने में जुट गया हैं। परिवहन आयुक्त महेंद्र सोनी ने शुक्रवार को बीकानेर, सीकर और भरतपुर के परिवहन उड़नदस्तों के लिए पोस मशीनों से ई-चालान से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया। सोनी ने प्रशिक्षण के साथ ही तीनों जिलों के उड़नदस्तों को पोस मशीन वितरित कर ई-चालान प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि पोस मशीनों के जरिए जहां चालान प्रक्रिया पेपरलैस होगी, वहीं पर विभाग के कामकाज में पारदर्शिता भी आएगी। आनलाइन होने से चालान मैन्युअली भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें प्रत्येक चालान की नियमित जानकारी रियल टाइम में विभाग को प्राप्त होगी। इससे ना ही उड़नदस्तों को और ना ही वाहन चालकों को नकद राशि साथ रखनी पडे़गी। इस मशीन से बनाए गए चालान के क्रमांक नंबर देखकर वाहन मालिक अपने घर बैठे भी चालान राशि जमा करा सकता है। इस स्थान पर नेटवर्क नहीं मिलने पर भी चालान बन सकते हैं। मशीन के डैशबोर्ड पर सारे दिन की जानकारी मिलती हैं। मशीन में फोटो और वीडियो लेने की सुविधा भी हैं। गूगल मैप के जरिए चालान काटे गए स्थान की लोकेशन भी दिखाई देती है। परिवहन आयुक्त ने बताया कि पूरे प्रदेश में सभी परिवहन उड़नदस्तों के पास इसी माह में पोस मशीनें उपलब्ध हो जाएगी। जनवरी 2021 में जयपुर, अजमेर, अलवर, फरवरी में जोधपुर, उदयपुर, कोटा और जून में बीकानेर, भरतपुर और सीकर आरटीओ क्षेत्र के सभी उड़नदस्तों को मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। अगले सप्ताह पाली, चित्तौड़गढ़ और दौसा आरटीओ के उड़नदस्तों को मशीनें मिल जाएगी। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तकनीकी निदेशक, परिवहन विभाग श्रीपाल यादव ने बताया कि पोस मशीन पर अभी डेबिट, क्रेडिट कार्ड से चालान राशि जमा कराई जा सकती हैं। आगे यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से भी कनेक्ट किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/ ईश्वर

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