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स्थानीय निकाय चुनाव: भाजपा सतर्क, कांग्रेस नेताओ में अपने वजूद को लेकर बंटवारा

- नगरीय निकायों की मतगणना 31 जनवरी को अध्यक्ष का चुनाव 7 फरवरी को अजमेर, 28 जनवरी(हि.सं)। निर्वाचन आयोग के की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार जिले में 5 नगरीय निकायों के लिए गुरुवार को सम्पन्न मतदान के बाद मतों की गणना रविवार 31 जनवरी को होगी। अध्यक्ष पद के लिए मतदान रविवार 7 फरवरी को प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात मतगणना की जाएगी। अध्यक्ष पदों के प्रबल दावेदारों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के आला अधिकारियों और पदाधिकारियों की तो सक्रियता बढ़ ही गई है वहीं निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों ने भी अपनी जीत की उम्मीद में स्वयं को गोलबंद करने की जुगत कर ली है। मतदान के चौबीस घंटे बीतने को हैं दोनों ही प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक संगठनों कांग्रेस और भाजपा की ओर से अपना अपना बोर्ड बनाए जाने के दावे सामने आने लगे हैं। पूर्वानुमान लगाने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों के अधिक संख्या में जीत कर आने के संकेत दे रहे हैं। अजमेर नगर निगम में विगत लम्बे अर्से से भाजपा का बोर्ड काबिज रहा है। इस बार मेयर पद के लिए अनुसूचित जाति की महिला उम्मीदवार का चुना जाना सुनिश्चित होने के दृष्टिगत अजमेर दक्षिण की विधायक एवं पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल के राजनीतिक नेतृत्व पर सबकी नजर लगी हुई। हाल ही में जिला पंचायत चुनाव में भाजपा को जिस तरह अपनो के ही द्वारा चोट पहुंचाई गई उसे ध्यान में रखते हुए नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की ओर से अधिक सतर्कता बरती जा रही है। वहीं कांग्रेस में विधायक पद उम्मीदवार रहे हेमंत भाटी, महेन्द्र सिंह रलावता, पूर्व विधायक श्रीगोपाल बाहेती, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष विवेक जैन, डाॅ राजकुमार जयपाल, पूर्व मेयर कमल बाकोलिया सभी अपने अपने वजूद को लेकर भावी पार्षदों को साधने में बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं। अजमेर में मत गणना से पूर्व ही निगम के सभी 80 वार्डों के भाजपा उम्मीदवारों को 29 जनवरी को ही एकत्रित कर लिया गया है। फिलहाल भाजपा उम्मीदवारों को शहर के बीच स्थित विजय लक्ष्मी पार्क समारोह स्थल पर कैद किया गया है। रणनीति के मुताबिक 30 जनवरी को सभी उम्मीदवारों को जयपुर रोड स्थित पैराडीजो रिसोर्ट में ले जाया जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि 31 जनवरी को मत गणना के बाद 7 फरवरी को मेयर का चुनाव होना है। माना जा रहा है कि जो उम्मीदवार विजयी होंगे उन्हें 7 फरवरी तक बाड़ाबंदी में रहना होगा। सभी उम्मीदवार एकत्रित हो जाए इसके लिए भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी, श्रीमती अनिता भदेल, शहर भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ, प्रियशील हाड़ा, पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत तथा पूर्व डिप्टी मेयर संपत सांखला की टीम बनाई गई है। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने अजमेर के नेताओं को स्पष्ट कह दिया है कि मेयर चुनाव में कोई गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनाव के प्रभारी और पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी और सह प्रभारी अशोक लाहोटी भी अजमेर पहुंच गए हैं। महिला उम्मीदवारों के साथ एक रिश्तेदार को रखने की छूट दी गई है। कई निवर्तमान पार्षदों ने अपनी पत्नी को उम्मीदवार बनवाया है, इसलिए कई महिला उम्मीदवार अपने पति के साथ बाड़ाबंदी में मौजूद हैं। एससी महिला के लिए आरक्षित है मेयर का पद अजमेर नगर निगम के मेयर का पद इस बार एससी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। भाजपा में मेयर पद के लिए शहर भाजपा के अध्यक्ष डॉ, प्रियशील हाड़ा की पत्नी बृजलता हाड़ा को सशक्त दावेदार माना जा रहा है। किन्हीं कारणों से यदि श्रीमती हाड़ा के नाम पर सहमति नहीं होगी तो फिर दक्षिण क्षेत्र की विधायक श्रीमती अनिता भदेल की उम्मीदवार डॉ नेहा भाटी तथा उत्तर क्षेत्र के भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी की उम्मीदावर श्रीमती वंदना नरवाल होंगी। इसी प्रकार कांग्रेस में पार्षद बनने पर मंजू बलाइ, द्रोपदी कोली, रेखा पिंगोलिया, राखी टोनी आदि को दावेदार माना जा रहा है। कांग्रेस में एकजुटता नहीं उम्मीदवारों को एकत्रित करने को लेकर कांग्रेस में एकजुटता नजर नहीं आ रही है। गुटों में विभाजित कांग्रेस में नेता अपने अपने नजरिए से उम्मीदवारों को एकत्रित करने की योजना बना रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गत विधानसभा चुनाव में उत्तर क्षेत्र के प्रत्याशी रहे महेन्द्र सिंह रलावता ने बताया कि उत्तर क्षेत्र में 36 वार्ड आते हैं, जिन वार्डों में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, उन सभी से संपर्क किया जा रहा है। उत्तर क्षेत्र के कांगे्रस उम्मीदवार एकजुट हैं। रलावता ने कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस को मुस्लिम बहुल्य वार्डों में उम्मीदवार खड़े नहीं करने पर नुकसान हुआ है। उन्होंने अपने पैनल में तीनों मुस्लिम बहुल्य वार्ड 11ए 12 व 13 में उम्मीदवारों के नाम दिए थेए लेकिन कांग्रेस के ही एक पूर्व विधायक के दखल की वजह से पार्टी ने इन वार्डों में उम्मीदवार घोषित नहीं किए। इस संबंध में उन्होंने पर्यवेक्षक को लिखित में शिकायत की है। रलावता ने दावा किया कि उत्तर क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहेगा। कांग्रेस में दक्षिण के 42 वार्डों में से अधिकांश वार्डों की कमान वरिष्ठ नेता हेमंत भाटी के पास है। चुनाव प्रचार में भी हेमंत भाटी ने सक्रिय भूमिका निभाई है, लेकिन कुछ वार्डों में प्रचार की कमान शहर अध्यक्ष विजय जैन के पास रही। ऐसे में हेमंत भाटी और विजय जैन भी अपने अपने समर्थक उम्मीदवारों से संपर्क बनाए हुए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/संदीप-hindusthansamachar.in

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