जोधपुर, 10 मई (हि.स.)। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने कोरोना महामारी को देखते तथा ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए विभिन्न दावा निपटान प्रपत्रों की आवश्यकताओं में छूट दी है। मौजूदा परिस्थितियों में मृत्यु दावों के त्वरित निस्तारण के लिए अन्य वैकल्पिक साक्ष्यों की अनुमति प्रदान कर दी है। एलआईसी के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि अस्पताल व नगर पालिका के प्रमाण पत्र की बजाय अब मृत्यु प्रमाण पत्र, डिस्चार्ज समरी, मृत्यु समरी (जिसमें मृत्यु की तिथि और समय का स्पष्ट उल्लेख हो) एवं सरकारी, ईएसआई, सशस्त्र बल व कॉर्पोरेट अस्पताल द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र, एलआईसी वर्ग-प्रथम अधिकारियों या 10 वर्षों से स्थाई विकास अधिकारियों द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किए प्रमाण पत्र के अलावा अंतिम संस्कार या दफन प्रमाण पत्र या संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी अधिप्रमाणित पहचान की रसीद तथा अन्य मामलों में नगरपालिका द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र पूर्वानुसार आवश्यक होगा। एलआईसी जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि अन्य मामलों में ई-मेल के माध्यम से भेजे गये जीवन प्रमाण पत्र को स्वीकार करने की सुविधा के अतिरिक्त, पूंजी वापसी लेने के विकल्प के साथ 31 अक्टूबर तक देय वार्षिकी हेतु जीवनप्रमाण पत्र का प्रस्तुतिकरण माफ किया गया है। एलआईसी ने वीडियो कॉल के माध्यम से भी जीवन प्रमाण पत्र स्वीकार करना प्रारम्भ किया है। पॉलिसीधारकों को अपनी सर्विसिंग शाखा में दावा भुगतान के दस्तावेज जमा करवाने में होने वाली कठिनाई को देखते हुए अब परिपक्वता व विद्यमानता हितलाभ के दावों हेतु किसी भी नजदीकी एलआईसी कार्यालय में दस्तावेजों को जमा करने की अनुमति दी गई है। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/संदीप




