नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजस्थान की राजधानी जयपुर में मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों की तेज आवाज को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। बुधवार को राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल के दौरान हवामहल विधायक ने यह मुद्दा जोरशोर से उठाया और परकोटा क्षेत्र में स्थित कई मस्जिदों में नियमों से अधिक तेज आवाज में बज रहे लाउडस्पीकरों पर गंभीर आपत्ति जताई।
”कई मस्जिदों पर बड़े आकार के लाउडस्पीकर लगाए गए हैं”
विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सदन में कहा कि परकोटा इलाके में कई मस्जिदों पर बड़े आकार के लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिनकी आवाज तय मानकों से कहीं अधिक है। इससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज आवाज के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है और दैनिक जीवन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
कई बार बन चुका है विवाद का कारण
उन्होंने बताया कि कई बार स्थानीय लोग मस्जिद प्रबंधन से आवाज कम करने का अनुरोध करते हैं, लेकिन अक्सर इस पर विवाद की स्थिति बन जाती है। बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि इस संबंध में प्रशासन को कई शिकायतें दी जा चुकी हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और न ही नियमों का सख्ती से पालन करवाया गया है।
”लाउडस्पीकरों को हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए”
विधायक ने विशेष रूप से रमजान माह के दौरान लगाए जाने वाले अतिरिक्त लाउडस्पीकरों पर चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए कि लाउडस्पीकर केवल निर्धारित समय और कानूनी ध्वनि सीमा के भीतर ही चलाए जाएं। यदि नियमों का पालन नहीं होता है तो ऐसे लाउडस्पीकरों को हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह विषय किसी धर्म विशेष के विरोध का नहीं है
बालमुकुंद आचार्य ने सदन में यह भी स्पष्ट किया कि यह विषय किसी धर्म विशेष के विरोध का नहीं है, बल्कि आम जनता की शांति, स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आमजन में असंतोष बढ़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कानून के दायरे में रहकर लाउडस्पीकरों की आवाज नियंत्रित की जाए
गौरतलब है कि मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों की आवाज को लेकर पहले भी कई बार मांग उठ चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। विधायक बालमुकुंद आचार्य ने प्रशासन से एक बार फिर अपील की है कि कानून के दायरे में रहकर लाउडस्पीकरों की आवाज नियंत्रित की जाए, ताकि विद्यार्थी, बुजुर्ग और आम नागरिक बिना किसी परेशानी के अपना जीवन व्यतीत कर सकें।





