भरतपुर, 31 मई (हि.स.)। पिछले साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने वाले सचिन पायलट खेमे के विधायक और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह ने बगावत कर दी है। इसके साथ ही भरतपुर के पूर्व राजघराने का विवाद खुलकर जनता के सामने आ गया है। अनिरुद्ध सिंह ने ट्वीट करके विश्वेंद्र सिंह पर मां के प्रति हिंसक होने, शराबी होने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अनिरुद्ध सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि पिछले 6 सप्ताह से मैं अपने पिता के संपर्क में नहीं हूं। वे मेरी मां के प्रति हिंसक हो गए हैं, कर्ज ले लिया, शराबी हो गए हैं, और जो दोस्त मेरी मदद करते हैं, उनके बिजनेस बर्बाद कर दिए हैं। यह केवल राजनीतिक विचारधाराओं का अंतर नहीं है। एक यूजर को जवाब देते हुए अनिरुद्ध ने लिखा कि मैंने और मेरी मां ने 30 साल मध्यमवर्गीय परिवार के मूल्यों का पालन किया। 30 साल बहुत होते हैं। भरतपुर के पूर्व राजघराने में घमासान की खबरें दो महीने से चर्चा का विषय बनी हुई थीं। पहले दबी जुबान में लोग चर्चाएं कर रहे थे। फिर राजनीतिक हलकों में ये चर्चाएं होने लगीं। अब अनिरुद्ध सिंह के ट्वीट से उन चर्चाओं पर मुहर लग गई है। इस लड़ाई में विश्वेंद्र सिंह वर्सेज उनका बेटा अनिरुद्ध और पत्नी दिव्या सिंह हो गए हैं। विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवाए भरतपुर के पूर्व राजघराने में पिता, पुत्र और पत्नी के झगड़े में सियासी वजह भी है। चर्चा थी कि विश्वेंद्र सिंह की इच्छा के खिलाफ अनिरुद्ध ने उनके ट्विटर हैंडल से ऐसे ट्वीट करवाए, जो उनकी पॉलिटिकल लाइन के खिलाफ थे। विश्वेंद्र सिंह उनसे बिना पूछे उनके ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट्स को लेकर नाराज थे। बताया जाता है कि कांग्रेस और अशोक गहलोत के खिलाफ किए गए ट्वीट पर विश्वेंद्र सिंह ने बेटे से नाराजगी जताई और इस पर झगड़ा हुआ। बेटे से झगड़े के बाद उन्होंने अपने ट्विटर, फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा दिए थे। विश्वेंद्र सिंह और अनिरुद्ध सिंह के राजनीतिक विचार मेल नहीं खाते। अनिरुद्ध सिंह इन दिनों खुलकर बीजेपी व नरेंद्र मोदी के पक्ष में ट्वीट करते हैं। पिछले दो साल से अनिरुद्ध का यही ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। उनके ट्वीट बीजेपी के पक्ष में और कांग्रेस के खिलाफ होते हैं। विश्वेंद्र सिंह के मंत्री रहते समय भी अनिरुद्ध सिंह के कई ट्वीट से विवाद हुआ। इसका उन्हें सियासी नुकसान भी हुआ। बताया जाता है कि इसे लेकर भी पिता-पुत्र के बीच मतभेद थे। ये मतभेद अब मनभेद में बदल गए हैं। हालांकि विश्वेंद्र सिंह और दिव्या सिंह पहले बीजेपी में थे और उनका हिंदू संगठनों के प्रति भी सॉफ्ट कॉर्नर रहा है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जब भरतपुर आए थे, तब विश्वेंद्र सिंह सार्वजनिक रूप से उनसे मिलने गए थे। अनिरुद्ध की बगावत के बाद विश्वेंद्र सिंह के प्रशसंकों ने नाराजगी जताई है। अनिरुद्ध सिंह के ट्वीट पर रिप्लाई करने वाले ज्यादातर यूजर्स ने अनिरुद्ध सिंह को पिता का सम्मान करने की सलाह दी है। कुछ यूजर्स ने लिखा है कि इस तरह पारिवारिक मामलों को सार्वजनिक करना सही नहीं है। भरतपुर के कई यूजर्स ने विश्वेंद्र सिंह के प्रति समर्थन जताते हुए घर का मामला घर में ही सुलझाने की सलाह दी है। अनिरुद्ध ने 4 घंटे बाद डिलीट किया ट्वीट अपने पिता के खिलाफ बगावत का ऐलान करने वाले अनिरुद्ध सिंह ने 4 घंटे में ही यू टर्न ले लिया। अनिरुद्ध सिंह के ट्वीट पर जिस तरह विश्वेंद्र सिंह के समर्थन में कमेंट आए और पारिवारिक मामले को सार्वजनिक रूप से उछालने पर यूजर्स आलोचना करने लगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे के आसपास अनिरुद्ध सिंह ने ट्वीट ही डिलीट कर दिया। एक महीने पहले कलह के खंडन वाला ट्वीट भी डिलीट कर दिया। पहले अनिरुद्ध ने परिवार में अनबन को अफवाह कहा था एक माह पहले अनिरुद्ध सिंह ने सोशल मीडिया पर भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में अनबन को लेकर चल रही चर्चाओं को गलत बताया था। अनिरुद्ध ने ट्वीट करके सोशल मीडिया की चर्चाओं को कोरी अफवाह बताया था। आज उसी के उलट अनिरुद्ध ने खुद बगावत का ऐलान कर दिया है। अनिरुद्ध ने अपने पिता पर जिस तरह के आरोप लगाए हैं, उनसे भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के अंदरूनी विवाद को चौड़े कर दिया है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप




