-मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना तथा कोविड पर पंचायत स्तर तक संवाद जयपुर, 11 अप्रैल(हि.स.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार एक ओर जहां बेहतरीन प्रबंधन से कोरोना की जंग जीतना चाहती है वहीं दूसरी ओर ‘मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना भी शुरू कर रही है। यह योजना लोगों को इलाज के भारी-भरकम खर्च और चिंताओं से मुक्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के दुख-दर्द दूर करने और समग्र विकास को ध्यान में रखकर बजट घोषणाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। गहलोत रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना तथा कोविड-19 को लेकर पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान गहलोत ने पंचायत, नगरीय निकाय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से कोरोना नियंत्रण और मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण तेजी से बढ़ता संक्रमण हमारे लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। राज्य सरकार इस पर नियंत्रण के लिए लगातार कड़े फैसले ले रही है। इसके बावजूद कोविड अनुशासन की पालना में यदि लापरवाही होगी, तो हमें और भी सख्त कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार संक्रमण का खतरा गांवों में भी दिखाई दे रहा है। कोरोना का यह बदला हुआ मिजाज पहले से भी अधिक घातक एवं खतरनाक है। इसे रोकने के लिए हम सभी को एक बार फिर पहले की तरह ही दो गज की दूरी रखने, मास्क पहनने जैसे प्रोटोकाॅल की पालना सुनिश्चित करनी होगी। गहलोत ने कहा कि प्रदेश के हर परिवार को इलाज खर्च की चिंताओं से मुक्त करने के लिए ‘मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना’ लाई गई है। ऐसी योजना लाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। इस योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक जनगणना-2011, लघु एवं सीमांत किसान तथा संविदाकर्मियों के लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस बीमा का प्रीमियम सरकार वहन करेगी। साथ ही, अन्य परिवार मात्र 850 रुपये प्रीमियम जमा करवाकर इस योजना से जुड़ सकते हैं। कोई भी परिवार इस योजना के लाभ से वंचित न रहे इस उद्देश्य से सरकार ने पंजीयन के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत शहरों एवं गांव-ढाणी तक विशेष पंजीयन शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1 मई से लागू होने वाली इस योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने, प्रीमियम जमा करने तथा प्रिटिंग के लिए ई-मित्र को कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी। यह शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी। पंच-सरपंच, पार्षद, विधायक, सांसद सहित सभी जनप्रतिनिधि तथा बीएलओ, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, एएनएम सहित ग्राम स्तर तक के सभी कार्मिक लोगों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत करीब 1 करोड़ 30 लाख परिवारों का समस्त प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि योजना से अब तक 750 से अधिक सरकारी अस्पताल एवं 300 से अधिक निजी अस्पताल सम्बद्ध हो चुके हैं। आमजन इन अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। भर्ती होने से 5 दिन पहले तथा डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक का चिकित्सा खर्च इसमें कवर होगा। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि इस योजना पर राज्य सरकार करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये वार्षिक वहन करेगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि राजकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को इस योजना से जुड़ने की आवश्यकता नहीं है। उनके लिए अलग योजना लाई जा रही है। इस अवसर पर राज्य मंत्री परिषद के सदस्य, सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, महापौर सहित नगरीय निकाय एवं पंचायत स्तर तक के जनप्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस कमिश्नर, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, उपखण्ड अधिकारी, सीएमएचओ, पीएमओ, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी वीसी से जुडे़। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/ ईश्वर




