जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर युवा जोश और अनुभवी राजनीतिज्ञ के बीच टक्कर, जानें इस संसदीय क्षेत्र का इतिहास

Loksabha Election: यह लोकसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई।
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जयपुर, (हि.स.)। जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने युवा जोश को प्रत्याशी को बनाया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अनुभवी राजनीतिज्ञ को मैदान में उतारा है। लोकसभा सीट बनने से लेकर अब तक इस सीट पर भाजपा का ही दबदबा रहा है। कांग्रेस ने इस सीट पर छात्र नेता और राजस्थान विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अनिल चौपड़ा तो वहीं भाजपा ने विधानसभा उपाध्यक्ष रहे राव राजेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है। यह लोकसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई।

जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर 21 लाख से अधिक मतदाता

लोकसभा चुनाव के तहत जयपुर ग्रामीण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 19 अप्रैल को 21 लाख 84 हजार 978 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिनमें 11 लाख 45 हजार 437 पुरुष एवं 10 लाख 39 हजार 533 महिला मतदाताओं के साथ-साथ 8 थर्ड जेंडर मतदाता भी शामिल हैं। जयपुर ग्रामीण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव के लिए 2 हजार 8 मतदान केन्द्र एवं 120 सहायक मतदान केन्द्रों की स्थापना की गई है। जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र में जयपुर जिले की सात विधानसभा सीट कोटपुतली, विराटनगर, शाहपुरा, फुलेरा, झोटवाड़ा, आमेर व जामवारामगढ़ और अलवर जिले की बानसूर विधानसभा सीट शामिल हैं।

परिसीमन के बाद में अस्तित्व में आई इस लोकसभा सीट पर पहला चुनाव साल 2009 में हुआ था। उस समय कांग्रेस के लालचंद कटारिया यहां से सांसद चुने गए थे। अगला चुनाव 2014 में हुआ और उस समय भाजपा की लहर चल रही थी। ऐसे में राजस्थान की बाकी सीटों के साथ यह सीट भी भाजपा की झोली में गई। इस चुनाव में कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर सांसद चुने गए थे। 2014 के चुनाव में राज्यवर्धन ने सीपी जोशी को हराया था। फिर 2019 के लोकसभा में भाजपा ने राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को दोबार टिकट दिया। उन्होंने कृष्णा पूनिया को हराया था। अब भाजपा यहां से हैट्रिक लगाने के लिए चुनाव में मैदान में है उधर, एक बार जीतने के बाद दो बार से यह सीट हार रही कांग्रेस किसी भी हाल में इस बार का चुनाव जीत कर मुकाबला बराबरी का करना चाहती है।

सीट का सामाजिक परिदृश्य

जयपुर ग्रामीण क्षेत्र वैसे तो जाट और ब्राह्मण बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है, लेकिन यहां गुर्जर, यादव और दलित समाज के मतदाताओं की संख्या भी काफी है। राजपूत- यादव वोटर के अलावा मीणा मतदाता भी यहां निर्णायक है। अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या करीब 15.7 फीसदी है। इसी प्रकार जनजाति के वोटर करीब 9 फीसदी हैं। मुस्लिम मतदाता 3.4 फीसदी है। इस लोकसभा क्षेत्र के 84.4 फीसदी वोटर गांवों में रहते हैं। बाकी के 15.6 फीसदी वोटर शहरी हैं। इस सीट पर यादव या अहीर समाज की कोटपूतली, शाहपुरा, झोटवाड़ा, विराटनगर, आमेर में सबसे ज्यादा आबादी है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में इस संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों में से 5 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है, जबकि बाकी की तीन सीटें कांग्रेस के खाते में गई हैं।

जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र के विकास की डोर राजधानी के साथ बंधी है। यहां पर चुनाव में स्थानीय मुद्दे तो मायने रखते ही हैं, राजधानी जयपुर में बने चुनावी माहौल का काफी असर पड़ता है। यदि विकास की दृष्टि से देखा जाए तो इस लोकसभा क्षेत्र के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में लोग सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संघर्ष ही करते नजर आते हैं। इन सुविधाओं के लिए यहां के लोगों को जयपुर पर निर्भर रहना पड़ता है। खासतौर पर स्वास्थ्य के मामले में तो यह पूरा लोकसभा क्षेत्र जयपुर के एसएमएस अस्पताल पर आश्रित है। हालांकि राजनीति के मामले में यहां की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जयपुर की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही माहौल बनता है

15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में

जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर इस बार 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। हालांकि मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहेगा। भाजपा ने 65 वर्षीय राव राजेंद्र सिंह पर भरोसा जताया है, राव पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 2003 से 2018 तक भारतीय जनता पार्टी के लिए शाहपुरा, जयपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। राव राजेंद्र सिंह राजस्थान विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। राव राजेंद्र सिंह पूर्व में जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं, इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वहीं कांग्रेस ने 35 वर्षीय अनिल चौपड़ा पर दांव लगाया है। चौपड़ा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के सचिव हैं। राजस्थान यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष और एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव के तौर पर भी काम किया है।

इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी हनुमान सहाय, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) पार्टी के प्रत्याशी अजय भट्ट, राइट टू रिकॉल पार्टी के प्रत्याशी आदित्य प्रकाश शर्मा, राष्ट्रीय सवर्ण दल पार्टी के प्रत्याशी योगी जितेन्द्र नाथ एडवोकेट, अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया के प्रत्याशी डॉ. दशरथ कुमार हिनूनिया, भीम ट्राइबल कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी एडवोकेट हरिकिशन तिवारी सहित डॉ. ओम सिंह मीणा, कह्न्वी बोहरा, देवहंस, नेहा सिंह गुर्जर, प्रकाश कुमार शर्मा, डॉ. रामरूप मीणा, राम सिंह कसाना बतौर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं।

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