जयपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने हिंदी विषय की स्कूल व्याख्याता भर्ती-2018 में कोर्स से बाहर के सवाल पूछने और आपत्तियों का निस्तारण व संशोधित उत्तर कुंजी जारी किए बिना अभ्यर्थियों को नियुक्तियां देने पर राज्य सरकार और आरपीएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायाधीश अशोक गौड़ ने यह आदेश सुरजन लाल धवन व अन्य की याचिका पर दिए। याचिका में अधिवक्ता प्रेमचंद देवन्दा ने अदालत को बताया कि परीक्षा में पूछे गए विवादित प्रश्नों के संबंध में हाईकोर्ट ने पूर्व में आदेश जारी कर आरपीएससी को विशेषज्ञ कमेटी का गठन कर याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों का निस्तारण करने को कहा था। इसके बावजूद आरपीएससी की ओर से पूर्व की उत्तर कुंजी और परिणाम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया और अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी जा रही हैं। इसके अलावा विवादित प्रश्नों के संबंध में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश आपत्तियों का निस्तारण भी नहीं किया गया और विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि परीक्षा में कोर्स से बाहर के प्रश्न पूछे गए थे। ऐसे में आयोग की ओर से दी जा रही नियुक्तियां विधि विरूद्ध और अवैध हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर




