Rajasthan News: अजमेर स्कूल की शर्मनाक करतूत, 12वीं कक्षा की रेप पीड़िता को बोर्ड परीक्षा में बैठने से रोका

Rajasthan News: स्कूल की यह असंवेदनशीलता उस छात्र के लिए कितना दर्दनाक रहा होगा, इसको बयां नहीं किया जा सकता है।
रेप पीड़िता की प्रतीकात्मक तस्वीर।
रेप पीड़िता की प्रतीकात्मक तस्वीर। raftaar.in

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजस्थान के अजमेर से बहुत ही दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। अजमेर के एक स्कूल में एक 12वीं कक्षा की छात्रा को बोर्ड की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गयी। जब इसके कारण का पता चला तो वह काफी शर्मनाक था। दरअसल पिछले साल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था। इसी को लेकर स्कूल ने उसे बोर्ड परीक्षा की अनुमति नहीं दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्रा का आरोप है कि स्कूल के जिम्मेदार अधिकारियों को चिंता थी कि छात्रा के परीक्षा में शामिल होने से स्कूल का माहौल खराब हो सकता है। स्कूल की यह असंवेदनशीलता उस छात्रा के लिए कितना दर्दनाक रहा होगा, इसको बयां नहीं किया जा सकता है।

छात्रा ने किसी दूसरे स्कूल से इस मामले में सहायता मांगी

वहीं इसको लेकर अजमेर की निजी स्कूल ने इसका अलग ही कारण बताया है। स्कूल ने कहा है कि छात्रा चार महीनों से स्कूल से अनुपस्थित थी। जिस कारण से उसका प्रवेश पत्र रोक दिया गया था। यह मामला तब उजागर हुआ जब छात्रा ने किसी दूसरे स्कूल से इस मामले में सहायता मांगी। जिन्होंने छात्रा को इस मामले में सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन से संपर्क करने को कहा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब यह मामला चाइल्ड वेलफेयर कमिटी तक पंहुचा तो सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष अंजलि शर्मा ने इस मामले को समझने के लिए खुद छात्रा से बात की और आश्वासन दिया है कि छात्रा जल्दी मार्च में छूटी हुई परीक्षा को दे सकेगी। बाल कल्याण आयोग (सीडब्ल्यूसी) अजमेर ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है।

यह स्कूल का बहुत ही शर्मनाक कार्य है

छात्रा पर दुखों का पहाड़ उस समय टुटा, जब अक्टूबर 2023 में उसके चाचा और अन्य दो लोगों ने छात्रा के साथ मिलकर बलात्कार किया। छात्रा इस सदमे से बाहर नहीं निकली थी कि उसके बाद स्कूल ने भी उसे दूसरा सदमा दे दिया। स्कूल ने छात्रा को कक्षा का माहौल खराब होने की चिंता का हवाला देते हुए घर से पढ़ाई करने को कहा। जब छात्रा स्कूल से परीक्षा के लिए अपना एडमिट कार्ड लेने आयी तो उसको पता चला कि स्कूल ने उसका नामांकन ही रद्द कर दिया था। छात्रा को सारी बातें बाद में पता चली कि स्कूल को अन्य छात्रों के माता पिता ने पीड़ित छात्रा की कक्षा में उपस्थिति पर अपना विरोध जताया था। लेकिन कारण जो भी हो स्कूल शिक्षा का मंदिर होता है। यह स्कूल का बहुत ही शर्मनाक कार्य है।

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