back to top
16.1 C
New Delhi
Sunday, March 22, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

जानें कौन है अब्दुल करीम टुंडा? जिन्हें वर्ष 1993 के सीरियल ब्लास्ट केस में किया गया बरी

1993 Serial Bomb Blast Case: लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद, सूरत और मुंबई की ट्रेनों में 6 दिसंबर 1993 को हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में अजमेर के स्पेशल टाडा कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया।

अजमेर, (हि.स)। लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद, सूरत और मुंबई की ट्रेनों में 6 दिसंबर 1993 को हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट मामले में अजमेर के स्पेशल टाडा कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपित आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए बरी कर दिया। उसके अन्य साथियों इरफान (70) और हमीदुद्दीन (44) को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

टुंडा की ओर से पैरवी शफकत सुल्तानी ने की थी

टुंडा की ओर से पैरवी शफकत सुल्तानी ने की थी। अदालत के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत में वकील सुल्तानी ने कहा कि मामले में सीबीआई ने अब्दुल करीम टुंडा को सिलसिलेवार बम धमाकों का मास्टर माइंड और मुख्य आरोपित बताया था। सीबीआई के वकील ने अदालत में हर बार कहा कि टुंडा ने ही अपने साथियों को बम बनाना सिखाया। उससे प्रेरित होकर देशभर में सिलसिलेवार बम धमाके किए गए, लेकिन न्यायालय ने आरोपित टुंडा को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने 27 फरवरी को सुनवाई पूरी कर फैसला 29 फरवरी के लिए सुरक्षित रखा था।

इस मामले में अजमेर के टाडा कोर्ट में सुनवाई हुई

अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी पर सिलसिलेवार बम धमाके किए गए थे। इस मामले में अजमेर के टाडा कोर्ट में सुनवाई हुई। आरोपित आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा, इरफान अहमद, हमीदुद्दीन पर लगे आरोपों पर कोर्ट में आखिरी बहस पूरी हो गई। टाडा कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाने के लिए 29 फरवरी की तारीख तय की थी। गुरुवार को आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया।

इन लोगो ने की केस के पैरवी

अयोध्या में 06 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने की बरसी पर देश भर में सिलसिलेवार बम विस्फोट करने के तीन आरोपित आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा, इरफान और हमीमुद्दीन जेल में बंद हैं। टुंडा की ओर से पैरवी शफकत सुल्तानी, इरफान व हमीदुदीन की ओर से एडवोकेट अब्दुल रशीद, सीबीआई की ओर से भवानी सिंह रोहिल्ला व राज्य सरकार की ओर से बृजेश पांडे ने पैरवी की।

अब्दुल करीम टुंडा कौन है?

अब्दुल करीम टुंडा उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा के रहने वाले है। टुंडा 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाके के समय लश्कर-ए-तैयबा का विस्फोटक एक्सपर्ट था। उसने बाबरी विध्वंस का बदला लेने के लिए मुंबई के जलीस अंसारी, नांदेड़ के आजम गौरी के साथ मिलकर तंजीम इस्लाम उर्फ मुस्लिम संगठन बनाकर 1993 में पांच प्रमुख शहरों में ट्रेन विस्फोट किए थे। वह दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के सामने 1996 में हुए विस्फोट मामले का भी आरोपी है। जिसके बाद इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

जेल से रिहा होने के बाद पप्पू यादव ने अजमेर दरगाह में मांगी दुआ, बोले- मैं भिखारी बेटे की तरह आया हूं

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव जेल से रिहा होने के बाद मंगलवार को अजमेर पहुंचे और सूफी संत ह्वारत...
spot_img

Latest Stories

बार-बार हो रहा है डैंड्रफ, तो इन बातों को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अगर आपको बार-बार डैंड्रफ का...

Ravivar Mantra: आज रविवार के दिन इन मंत्रों का करें जाप, सूर्य भगवान हर मनोकामना करेंगे पूरी

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रविवार के दिन सूर्य भगवान...

Astro Today 22 March 2026: कन्या राशि – आर्थिक स्थिति मज़बूत रहेगी, सट्टेबाज़ी से दूर रहना होगा

धन लाभ: आर्थिक स्थिति मज़बूत रहेगी। शेयर बाज़ारसे अच्छा...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵