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आहूजा की कहानियां समाज की भीतरी परतों की करती पड़ताल: सत्यनारायण

जोधपुर, 26 फरवरी (हि.स.)। हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कहानीकार योगेन्द्र आहूजा, कवि-कहानीकार रामकुमार तिवारी, अविनाश कल्ला व साहित्यिक पत्रिका कथादेश के संपादक हरिनारायण के सान्निध्य में गांधी भवन में परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित हुआ। परिचर्चा के प्रारंभ में कमलेश तिवारी ने मेहमानों का परिचय दिया। वरिष्ठ कहानीकार सत्यनारायण ने कहानीकार योगेंद्र आहूजा की कहानियों पर कहा कि उनकी कहानियां हमारे समाज की भीतरी परतों का पड़ताल करती हैं। इन कहानियों में हमारे समय की विसंगतियों का सूक्ष्म ब्यौरा है। कवि-कहानीकार रामकुमार तिवारी ने कहा कि आज का समय जटिल हो गया है, हम बाहर और भीतर से सिकुड़ गये हैं। यह भयावह विस्मृति और विचलन का दौर है। कविता अपने समय की जटिलता और तनाव को समझते हुए उसे लिखने की विधा है। वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश सिंदल ने कहा कि हमें घटनाओं के साथ-साथ कहानी के भीतरी परत तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए। हर कीमत पर जीतना सीखाती: माधव राठौड़ ने कहानियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि योगेन्द्र आहूजा लंबे वितान की कहानियांरचते हैं जो विशेष पाठकीय सजगता की मांग करती है। उनके पात्र आर्थिक उदारीकरण के बाद आई वह पीढ़ी है जो हर कीमत पर जीतना चाहती है। प्रमोद शाह ने कहानियों पर आलोचकीय टिप्पणी करते हुए कहा कि नए लिखने वालों को योगेन्द्र आहूजा की कहानियों को जरूर पढऩा चाहिए। कहानीकार वीणा चूंडावत ने योगेंद्र आहूजा की कहानियों में उदारीकरण के बाद उभरे एक विशेष वर्ग के संताप का जिक्र है। कहानीकार किरण राजपुरोहित ने कहा कि आहूजा की कहानियां एक समय और मनोस्थिति की मांग करती है जो आगे जाकर गहरी अंतर्दृष्टि खोलती है। इन लोगों ने भी लिया भाग: परिचर्चा में भाग लेते हुए डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया ये कहानियां अखबारी कहानियों से अलग पाठक से एक ठहराव की मांग करती है। इनमें मध्यम वर्ग की पीड़ाएं समाहित हैं। युवा लेखिका चंचल चौधरी ने कहा कि योगेन्द्र आहूजा की कहानियों हर जगह अपने समय से सवाल करती हुई नजर आती है। कवयित्री प्रगति गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आहूजा की कहानियां कई परतों को समेटे हुए है जो हमारे आज के समय की विसंगतियों को उजागर करती हैं। वरिष्ठ साहित्यकार श्याम गुप्ता ने लेखकों से उनकी रचनाओं पर सवाल करते हुए परिचर्चा को आगे बढ़ाया। परिचर्चा में दीप्ति कुलश्रेष्ठ, नवीन पंछी, संतोष चौधरी, ऋचा अग्रवाल, विजय सिंह नाहटा, हितेन्द्र गोयल, मधु वैष्णव ने भी भाग लिया। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश / ईश्वर

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