जयपुर, 11 मार्च (हि.स.)। परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब गहलोत सरकार के बजट, मोदी सरकार के बजट की तुलनात्मक समीक्षा होनी चाहिये। केन्द्र की मोदी सरकार ने घोषणा पत्र में किये वादों के विपरीत केन्द्र के बजट में देश की जनता के साथ धोखा किया। देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भूखमरी से परेशान है और मोदी सरकार इसके ठीक विपरीत देश की जनता को बजट में कोई लाभ नहीं दे रही है। खाचरियावास गुरुवार को नगर निगम हैरिटेज में वाल्मिकी समाज के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गैस की सब्सिडी खत्म हो गई, पेट्रोल-डीजल की एक्साईज डयूटी बढ़ने से पेट्रोल-डीजल की दरें आसमान छू रही है और महंगाई से जनता की कमर टूट गई है। गैस सिलेण्डर की सबसीडी आजादी के बाद पहली बार खत्म हुई है लेकिन केन्द्र सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। किसान आंदोलन बेरोजगारी और भूखमरी से देश परेशान है, लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार जनता की कोई परवाह नहीं कर रही। खाचरियावास ने कहा कि इसके ठीक विपरीत राजस्थान की गहलोत सरकार कोरोना संकट के अच्छे मैनेजमेंट के बाद संकट की घड़ी के बाद बिना टैक्स का बजट प्रस्तुत किया, हर क्षेत्र में टैक्स में छूट दी गई, कर्मचारी, व्यापारी, मजदूर, किसान, विद्यार्थी सभी को राज्य की गहलोत सरकार ने कोई न कोई छूट देकर कोरोना संकट के बाद जनता को राहत पहुंचाई है। भाजपा नेताओं को हम चुनौती देते हैं कि वो केन्द्र के बजट में जनता को दी हुई कोई भी राहत आगे आकर बताये, पेट्रोल-डीजल और गैस पर जवाब दे अन्यथा इस बात को स्वीकार करे कि केन्द्र सरकार के बजट से गहलोत सरकार का बजट सौ गुना अच्छा है। हिन्दुस्थानन समाचार/संदीप/ ईश्वर




