नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सिख संस्थाओं और परंपराओं से जुड़े कथित बयानों को लेकर अमृतसर में अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित हुए। पेशी से पहले वह अकाल तख्त सचिवालय पहुंचे, जबकि जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज कुछ देर बाद वहां पहुंचे। इसी मामले में मुख्यमंत्री को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया था।
स्वर्ण मंदिर परिसर में अकाल तख्त के सामने पेश होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर उन्होंने अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। उन्होंने कहा कि उनका अकाल तख्त से किसी भी तरह का टकराव नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज की अगुवाई में पांच सिंह साहिबानों की बैठक होगी, जिसमें उनके जवाब पर विचार कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
फॉरेंसिक जांच के लिए तैयार हूं- CM भगवंत मान
पेशी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेरी जो वीडियो सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बतायी जा रही है, वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार की गई हैं। सीएम मान ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी अकाल तख्त के जत्थेदार को दे दी है और कहा है कि वह हर तरह की फॉरेंसिक जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के कामकाज को लेकर कई शिकायतें मिली हैं, जिन्हें उन्होंने जत्थेदार साहिब के समक्ष रखा है।
“जो भी निर्णय होगा, स्वीकार होगा”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि वह अकाल तख्त से टकराव की स्थिति में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की बातें पूरी तरह भ्रामक हैं और उनकी अकाल तख्त में पूर्ण श्रद्धा है। सीएम मान ने कहा कि उन्होंने जत्थेदार साहिब को साफ तौर पर बता दिया है कि तख्त की ओर से लिया गया हर फैसला उन्हें मंजूर होगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।





