नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। श्री जगन्नाथ रथयात्रा जो पुरी जगन्नाथ की रथयात्रा के नाम से भी जाना जाता है, जिसे पुरी रथयात्रा भी कहते हैं। यह हर साल ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर से शुरू होती है। जिसमें भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। यह यात्रा 27 जून 2025 से से शुरू होगी। जिसमें इस दिव्य यात्रा के दौरान कुछ नियमों का पालन करना चाहिए आइए उन्हें जानते हैं।
बता दे, इस दिव्य यात्रा को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन हर किसी को करना चाहिए, तो चलिए उनके बारे में जानते हैं।
कब शुरू होगी श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा?
धार्मिक मान्यता और ज्योतिषीय गणना के आधार पर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी 26 जून को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर शुरू हो रही है। श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा जिसका समापन 27 जून को सुबह 11 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में जगन्नाथ रथ यात्रा 27, 2025 जून को शुरू होगी।
यात्रा के दौरान इन बातों का दें ध्यान
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान आनेवाले भक्तों को लेकर कई मान्यता है जिसमें सबसे खास है लाखों की संख्या में भक्त का शामिल होना।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा में रथ को पकड़ने लाखों की संख्या में भक्त शामिल होते हैं, इसलिए धक्का-मुक्की न करें।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान तामसिक चीजें न ले जाएं।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मन में किसी के लिए गलत विचार न रखें
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान किसी के साथ गलत व्यवहार न करें।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान शांत और धैर्य रखें।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान बच्चे, बुजुर्गों और महिलाओं की यात्रा में मदद करें।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान मिलने वाले प्रसाद को तुरंत ग्रहण करेंक्योंकि यह भगवान का आशीर्वाद माना जाता है।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान बाबा के मंत्रों का जप करें।यह एक धार्मिक यात्रा है।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान अन्य पवित्र वस्तुओं का अनादर न करें।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान रथ पर चढ़ने या उन्हें छूने का प्रयास न करें, खासकर जबतक अनुमति न हो।
श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान ज्यादा शोर या चिल्लाने से बचें।





