Manipur Violence: मणिपुर में मानवता हुई शर्मसार, कैमरे पर दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया, किया गैंगरेप

Manipur Women Naked Parade: मणिपुर से एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। वीडियो में दो महिलाओं को भीड़ निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाते हुए उनका यौन उत्पीड़न करते हुए नजर आ रही है।
Manipur Violence
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नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज डेस्क। Manipur Violence Updates: पिछले दो महीने से मणिपुर जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। लेकिन अब मणिपुर से एक खौफनाक और मानवता को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो दो महिलाओं को भीड़ द्वारा नग्न अवस्था में ले जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो मणिपुर की राजधानी इंफाल से 35 किलोमीटर दूर के कंगपोकपी (Kangpokpi District) जिले का है जो 4 मई का बताया जा रहा है।

कुकी समुदाय की बताई जा रही महिलाएं

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीडियो में जिन दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर लोगों द्वारा घुमाया जा रहा है, वो महिलाएं मणिपुर के कुकी समुदाय से बताई जा रही हैं, वहीं जो लोग महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमा रहे हैं वो सभी मैतई समुदाय से बताएं जा रहे हैं। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पहाड़ी राज्य में तनाव फैल गया है। आरोप है कि दोनों महिलाओं को खेत में ले जाकर उनके साथ गैंगरेप हुआ। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

ITLF प्रवक्ता ने बताया पूरा ममला

‘इंडिजीनियस ट्राइबल लीडर्स फोरम’(ITLF) के एक प्रवक्ता ने बताया कि कांगपोकपी जिले में हुई यह घटना 4 मई की है। ITLF के एक प्रवक्ता के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा है कि पुरुष असहाय महिलाओं के साथ लगातार छेड़छाड़ कर दिखाई दे रहे हैं। वहीं पीड़ित महिलाएं बंधक बनी हुई हैं और लगातार मदद की गुहार लगा रही हैं। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने इस वीडियो को बनाने के बाद वायरल भी कर दिया है। इससे इन निर्दोष महिलाओं द्वारा झेली गई भयावह यातना कई गुना बढ़ गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

पुलिस अधीक्षक के मेघचंद्र सिंह ने मणिपुर के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "4 मई 2023 को अज्ञात बदमाशों द्वारा 2 महिलाओं को नग्न करके घुमाए जाने के वीडियो के संबंध में, अज्ञात सशस्त्र बदमाशों के खिलाफ नोंगपोक सेकमाई पीएस (थौबल जिला) में अपहरण, सामूहिक बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जांच शुरू हो गई है और राज्य पुलिस दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। आपको बता दें घटना के एक महीने से अधिक समय बाद 21 जून को FIR दर्ज कराई गई थी। IPC की धारा के तहत धारा 153ए, 398, 427, 436, 448, 302, 354, 364, 326, 376, 34 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1सी) के तहत मामला दर्ज किया गया।

CM ने दिए जांच के आदेश

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बताया कि सरकार ने उस वीडियो का स्वत: संज्ञान ले लिया है। जिसमें 2 महिलाओं को भीड़ द्वारा निर्वस्त्र कर घसीटते हुए दिखाया गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं। बी.फेनोम गांव के 65 साल के प्रमुख थांगबोई वैफेई द्वारा सैकुल पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भीड़ ने तीसरी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया था।

स्मृति ईरानी ने की जांच मांग

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, 'मणिपुर से दो महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का भयानक वीडियो निंदनीय और अमानवीय है। सीएम एन बीरेन सिंह से जी बात की है जिन्होंने मुझे बताया कि मामले की जांच जारी है और आश्वासन दिया कि अपराधियों को कटघरे में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

प्रियंका गांधी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने मणिपुर में दो महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के ममले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते करते हुए कहा, 'मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए सब कम है। समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है।' हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एकस्वर में निंदा करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?'

मणिपुर के हालातों पर ध्यान दें पीएम- केजरीवाल

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'मणिपुर की वारदात बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। भारतीय समाज में इस तरह की घिनौनी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मणिपुर के हालात बेहद चिंताजनक बनते जा रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करता हूं कि वे मणिपुर के हालातों पर ध्यान दें। इस वारदात की वीडियो में दिख रहे दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। भारत में ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

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