नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बृह्नमुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2026 में समाजवादी पार्टी (सपा) के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने सत्ताधारी दलों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में घपले और भ्रष्टाचार हो रहे हैं, और सत्ताधारी दलों के पास सरकार और पैसा होने के कारण आम उम्मीदवारों के लिए चुनाव जीतना कठिन हो गया है। अबू आजमी ने कहा, चुनाव आते ही पैसे खुफिया तरीकों से बांटने लगते हैं, जिससे आम आदमी के लिए चुनाव जीतना लगभग असंभव हो गया है। उनका यह बयान उस समय आया है जब सपा को नगर निगम में अपेक्षित सफलता नहीं मिली और पार्टी के कई उम्मीदवार हार का सामना कर रहे हैं।
बीजेपी पर आरोप और धर्मनिरपेक्ष दलों का बंटाव
अबू आजमी ने कहा कि वर्तमान चुनावों में बीजेपी का प्रभाव स्पष्ट रूप से बढ़ रहा है। उन्होंने यह दावा किया कि बीजेपी ही तय कर रही है कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा। इसके अलावा, उन्होंने धर्मनिरपेक्ष दलों की एकजुटता न होने और वोट बंटने का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इन परिस्थितियों में आम आदमी का चुनावी मैदान में टिक पाना मुश्किल हो गया है।
महानगरपालिका चुनाव में अनियमितताओं का दावा
अबू आजमी ने अपने शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि हजारों लोग मतदाता सूची में नाम न होने के कारण मतदान नहीं कर पाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल इस्तेमाल की गई स्याही तुरंत धुल जाती है, जिससे कई गड़बड़ियां और अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक कमियों के कारण निष्पक्ष मतदान प्रभावित हुआ।
”चुनाव जीतना अब आम आदमी के लिए चुनौतीपूर्ण”
अबू आजमी का निष्कर्ष स्पष्ट था कि वर्तमान परिस्थितियों में आम उम्मीदवारों के लिए चुनाव जीतना बेहद कठिन हो गया है। भ्रष्टाचार, सत्ताधारी दलों की शक्ति और वोट बंटाव ने चुनावी मैदान को आम लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बना दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोकतंत्र की भावना को बचाने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है।
सपा की राह कठिन, बीजेपी का प्रभाव मजबूत
विशेषज्ञों का कहना है कि BMC चुनाव में सपा की हार ने स्पष्ट कर दिया कि स्थानीय स्तर पर बीजेपी की पकड़ मजबूत हो रही है। अबू आजमी के आरोपों के बावजूद, चुनाव परिणाम यह दिखाते हैं कि पार्टी और उम्मीदवारों के लिए आम जनता तक पहुंचना और निष्पक्ष तरीके से जीतना अब पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।





