नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बीएमसी चुनाव को लेकर रामदास अठावले की पार्टी RPI ने 39 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा था कि बीजेपी और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच सीट बंटवारे का समझौता उनकी पार्टी को बाहर रखते हुए हुआ, जिसे उन्होंने ‘विश्वासघात’ करार दिया। बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना ने बीएमसी की कुल 227 सीटों में से 137 और 90 सीटों पर समझौता किया है। अठावले के इस फैसले से चुनावी समीकरण में नई राजनीतिक टेंशन पैदा हो गई है।
रामदास अठावले बोले- सीट बंटवारे से हमारे स्वाभिमान पर हमला
रामदास अठावले ने बीजेपी-शिवसेना के सीट बंटवारे के फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि महायुति गठबंधन के गठन के बाद से उनकी पार्टी पूरी निष्ठा और दृढ़ता से गठबंधन के साथ खड़ी रही, लेकिन अब जो हुआ, वह ‘विश्वासघात’ है। अठावले ने दावा किया कि सोमवार को शाम चार बजे गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा के लिए बैठक तय थी, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं की। उन्होंने कहा कि यह केवल समय की बर्बादी नहीं, बल्कि उनके स्वाभिमान पर हमला है।
“अपमान बर्दाश्त नहीं, RPI अकेले लड़ेगी 50 सीटों पर चुनाव”
रामदास अठावले ने कहा कि मुंबई निकाय चुनाव नजदीक हैं और वह अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि RPI (A) अपने उम्मीदवारों के साथ पूरी ताकत से चुनाव में उतरेगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि RPI (A) 50 सीटों पर नामांकन दाखिल करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन वापस लेने का विकल्प अभी भी मौजूद है और यह इस बात पर निर्भर करेगा कि गठबंधन के साथ सम्मानजनक चर्चा होती है या नहीं। तब तक पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ने का निर्णय ले चुकी है।
अजित पवार की NCP भी अलग लड़ रही है चुनाव
जहां बीजेपी और शिवसेना ने बीएमसी चुनाव के लिए सीट बंटवारे का समझौता किया है, वहीं महायुति के घटक दल एनसीपी अपने उम्मीदवारों के साथ अलग चुनाव लड़ रही है। इस कदम से बीएमसी चुनाव में गठबंधन के समीकरण और जटिल हो गए हैं और राजनीतिक परिदृश्य में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं।





