back to top
20.1 C
New Delhi
Monday, March 23, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

PMC चुनाव 2026: पवार खेमों की एकजुटता की कोशिशों के बीच कांग्रेस का बड़ा फैसला, गठबंधन से किया इनकार

पुणे महानगर पालिका चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए शरद पवार और अजित पवार दोनों गुटों के साथ गठबंधन से साफ इनकार कर दिया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पुणे महानगर पालिका (PMC) चुनाव 2026 से पहले महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज हो गई है। एक ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों शरद पवार और अजित पवार के बीच साथ आने की कवायद चल रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए दोनों से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस के इस फैसले से पुणे निकाय चुनाव के सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

दरअसल, हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से संपर्क कर पुणे महानगर पालिका चुनाव के लिए गठबंधन का प्रस्ताव रखा था। इसी बीच कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह न तो शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (एसपी) और न ही अजित पवार की NCP के साथ किसी तरह का गठबंधन करेगी। महाराष्ट्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने गुरुवार, 26 दिसंबर को पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि दोनों एनसीपी गुटों ने पुणे महानगर पालिका चुनाव एक साथ लड़ने का फैसला किया है, ऐसे में कांग्रेस के लिए उनके साथ गठबंधन का कोई औचित्य नहीं बचता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक पहचान और विचारधारा से कोई समझौता नहीं करेगी।

मोहन जोशी ने कहा कि कांग्रेस पुणे महानगर पालिका चुनाव महा विकास आघाड़ी (MVA) के सहयोगी दलों और समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर लड़ेगी। उन्होंने बताया कि मुंबई में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), आम आदमी पार्टी (AAP), राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) जैसी पार्टियों से गठबंधन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। इसके अलावा, यदि वंचित बहुजन आघाड़ी इस गठबंधन में शामिल होना चाहती है, तो कांग्रेस उसके लिए भी दरवाजे खुले रखेगी।

कांग्रेस ने यह भी दोहराया कि वह धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाली पार्टियों के साथ ही पुणे का चुनाव लड़ेगी। हाल ही में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने यह खुलासा किया था कि उन्हें अजित पवार की ओर से गठबंधन का प्रस्ताव मिला था, लेकिन अब पार्टी ने इस पर अंतिम फैसला सुना दिया है। कांग्रेस का यह कदम पवार खेमों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और माना जा रहा है कि इसका असर पुणे महानगर पालिका चुनाव की रणनीति और परिणामों पर भी पड़ सकता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह रुख पवार खेमों के लिए बड़ा झटका है और इससे पुणे महानगर पालिका चुनाव में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के इस फैसले के बाद पवार गुट अपनी रणनीति में क्या बदलाव करते हैं और इसका असर PMC चुनाव 2026 के नतीजों पर कितना पड़ता है।

Advertisementspot_img

Also Read:

West Bengal Assembly Election 2026: TMC के लिए साख का सवाल बन रही है मुर्शिदाबाद सीट, पक्ष में नहीं रहे हैं चुनावी आंकड़े

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। West Bengal Assembly Election की 294 विधानसभा सीटों में से मुर्शिदाबाद विधानसभा सीट कई मायनों में अहम है, विशेषकर सत्तारूढ पार्टी...
spot_img

Latest Stories

Travel Tips: दोस्तों के साथ घूमने का बनाएं परफेक्ट प्लान, बैग पैक करें और निकल पड़ें

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। मार्च और अप्रैल का महीना...

Vastu Tips: इस प्रकार खुलेगा आपकी किस्मत का ताला, करना होगा बस ये खास उपाय

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। हर व्यक्ति चाहता है कि...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵