नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पुणे में नगर निकाय चुनाव के नतीजों सामने आ रहे हैं। इस बीच, बीजेपी की उम्मीदवार मंजुषा नागपुरे को निर्विरोध मेयर चुना गया है। तीन बार पार्षद रह चुकी मंजुषा नागपुरे का इस चुनाव में कोई मुकाबला नहीं था, इसलिए पार्टी की संख्या बल को देखते हुए उनकी मेयर पद पर बैठने की संभावना पहले ही तय थी। पुणे के 165 सदस्यीय नगर निगम में बीजेपी ने 119 वार्डों में जीत दर्ज की है, जिससे मंजुषा नागपुरे का निर्विरोध मेयर बनना स्वाभाविक रहा। हालांकि 9 फरवरी तक आधिकारिक ऐलान का इंतजार किया गया और अब वह औपचारिक रूप से पुणे की मेयर के रूप में कार्यभार संभालेंगी।
मंजुषा नागपुरे कौन हैं?
46 वर्षीय मंजुषा नागपुरे को भारतीय जनता पार्टी ने पुणे मेयर के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। स्नातकोत्तर की पढ़ाई उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में पूरी की है और उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ गहरा जुड़ाव है। पार्टी ने उन्हें अन्य दावेदारों, चार बार पार्षद रही वर्षा तापकिर और तीन बार पार्षद रही मानसी देशपांडे के बावजूद प्राथमिकता दी। नागपुरे नगर निगम की सबसे शिक्षित पार्षदों में से एक मानी जाती हैं।
पढ़ाई से लेकर मेयर तक का सफर
मंजुषा नागपुरे का जन्म 1979 में हुआ। पढ़ाई में तेज रहने वाली मंजुषा ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की और आगे चलकर ICFAI विश्वविद्यालय से MBA की पढ़ाई पूरी की। शुरुआत में उन्होंने आईटी सेक्टर में करियर बनाया, लेकिन राजनीति में कदम रखने की ठानी और नौकरी छोड़ दी। उनका राजनीतिक सफर 2012 में आनंदनगर, सिंहगढ़ रोड से पार्षद चुने जाने के साथ शुरू हुआ और तब से लगातार तीन बार विजयी रहीं। मंजुषा के परिवार में उनके पति दीपक नागपुरे, जो बीजेपी के पदाधिकारी और दक्षिणपंथी नेता माने जाते हैं और दो बच्चे शामिल हैं। दंपत्ति का संयुक्त व्यवसाय है और मंजुषा ने 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति भी सार्वजनिक की है।
पुणे महानगरपालिका में किसको कितनी मिली सीटें
BJP: 119 सीटें
एनसीपी (अजित पवार गुट + शरद पवार गुट): 30 सीटें
कांग्रेस: 15 सीटें
शिवसेना (UBT): 1 सीट
इस आंकड़े के आधार पर बीजेपी की स्पष्ट बहुमत वाली स्थिति बनी हुई है, इसलिए मंजुषा नागपुरे को निर्विरोध मेयर चुना गया।





