नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में फरवरी के पहले हफ्ते बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के एक होने की पूरी तैयारी चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक, 8 फरवरी 2025 को दोनों गुटों के औपचारिक विलय का ऐलान किया जाना था, लेकिन इस प्रक्रिया को फिलहाल आगे के लिए टाल दिया गया।
बंद कमरे की बैठकों ने सियासी हलचल और तेज कर दी
पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा-भतीजे की नजदीकियां लगातार चर्चा में थीं। पुणे और बारामती क्षेत्र में स्थानीय निकाय स्तर पर दोनों गुटों के नेताओं का साथ आना इस बात का संकेत माना जा रहा था कि पार्टी में टूट अब स्थायी नहीं रहेगी। इसी क्रम में कई बंद कमरे की बैठकों ने सियासी हलचल और तेज कर दी।
दोनों पक्षों की थी सहमति
एक रिपोर्ट के अनुसार, विलय को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी। जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों के बाद औपचारिक घोषणा की रणनीति तय की गई थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत थे कि बंटा हुआ जनाधार आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में नुकसान पहुंचा सकता है।
दोनों गुटों के बीच लगातार संवाद चल रहा था
एनसीपी (SP) के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटिल ने इस बात की पुष्टि की कि दोनों गुटों के बीच लगातार संवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी को उनके आवास पर अहम बैठक हुई थी, जिसमें चुनाव साथ लड़ने और संगठनात्मक ढांचे को लेकर अंतिम दौर की चर्चा की गई। इसके अगले दिन यानी 17 जनवरी को शरद पवार के आवास पर भी एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भविष्य की रणनीति पर मंथन किया गया।
NCP (SP) नेता शशिकांत शिंदे ने विलय को लेकर बातचीत की
एनसीपी (SP) नेता शशिकांत शिंदे ने भी स्वीकार किया कि विलय को लेकर बातचीत नई नहीं है और यह दोनों पक्षों की सहमति से आगे बढ़ रही थी। उनके अनुसार, अजित पवार ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि स्थानीय निकाय चुनावों के बाद दोनों गुट साथ आ सकते हैं। शिंदे और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, दोनों गुटों के औपचारिक विलय की घोषणा 8 फरवरी 2026 को होनी तय थी।इस दौरान संभावित कैबिनेट फेरबदल और नए चेहरों को सरकार में शामिल करने पर भी अनौपचारिक चर्चा हुई थी। शरद पवार और अजित पवार के बीच इस एकीकरण को लेकर सहमति बन चुकी थी। 16 जनवरी को जयंत पाटील के आवास पर और 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण बैठकें हुई थीं। दोनों गुटों ने हाल के पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों में गठबंधन किया था और 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों में भी साथ लड़ने की योजना बनाई थी।
28 जनवरी 2026 को एक विमान दुर्घटना में अजित पवार का असामयिक निधन
28 जनवरी 2026 को एक विमान दुर्घटना में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद, विलय की आधिकारिक घोषणा फिलहाल रुक गई है, हालांकि शिंदे ने संकेत दिया है कि प्रक्रिया उस दिशा में आगे बढ़ती रहेगी।
बातचीत अस्थाई तौर पर बंद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विलय होता, तो यह शरद पवार की पार्टी के लिए सरकार में शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम होता। फिलहाल NCP (SP) महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है, जबकि अजित पवार की NCP सत्तारूढ़ महायुति में शामिल है। ऐसे में दोनों गुटों का एक होना महाराष्ट्र की सत्ता राजनीति के समीकरण पूरी तरह बदल सकता था।
हालांकि, पार्टी नेताओं का कहना है कि बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। परिस्थितियों और राजनीतिक माहौल को देखते हुए सही समय पर इस प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि, 8 फरवरी को होने वाला यह संभावित ऐलान भले टल गया हो, लेकिन एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने की पटकथा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में इससे जुड़ा कोई बड़ा फैसला फिर सुर्खियों में आ सकता है।





