नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र सरकार ने 28 जुलाई को नए सोशल मीडिया दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत राज्य के कर्मचारी अब राज्य सरकार या देश में किसी अन्य सरकार की मौजूदा या पूर्व नीतियों की आलोचना सोशल मीडिया पर नहीं कर सकेंगे। सरकारी प्रस्ताव (जीआर) में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को निजी और आधिकारिक उपयोग के लिए सोशल मीडिया पर अलग-अलग अकाउंट रखने होंगे।
इसके अलावा, ऐसे किसी भी ऐप का इस्तेमाल करना भी मना होगा, जिसे राज्य या केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया हो। नए नियमों का उल्लंघन करने पर कर्मचारियों के खिलाफ महाराष्ट्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1979 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।
सोशल मीडिया पर सरकारी नीतियों की आलोचना पर सख्ती
महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई सरकारी कर्मचारी सरकारी नीतियों की आलोचना करता है या किसी राजनीतिक घटना पर नकारात्मक टिप्पणी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह नियम सभी श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों, चाहे वे नियमित हों, संविदा पर हों, स्थानीय निकायों में कार्यरत हों या सार्वजनिक क्षेत्र व सरकार से संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत हों उन सभी पर लागू होता है।
महाराष्ट्र सरकार के नए दिशा-निर्देश
महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर कई कड़े नियम तय किए गए हैं :-
प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म्स का उपयोग नहीं
राज्य या केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किसी भी वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग अब कर्मचारियों के लिए पूरी तरह निषिद्ध होगा।
केवल अधिकृत अधिकारी ही साझा कर सकेंगे जानकारी
सरकारी योजनाओं या कार्यक्रमों से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल उन्हीं कर्मियों द्वारा साझा की जा सकेगी जिन्हें इसके लिए पूर्व स्वीकृति प्राप्त है।
सेल्फ प्रमोशन पर रोक
कर्मचारी सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं, लेकिन अपनी व्यक्तिगत प्रशंसा या प्रचार करने की अनुमति नहीं होगी।
निजी दस्तावेजों की सुरक्षा अनिवार्य
किसी भी सरकारी दस्तावेज को अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर अपलोड करना सख्त वर्जित है।
ट्रांसफर पर अकाउंट हैंडओवर जरूरी
यदि किसी कर्मचारी का तबादला होता है, तो उसे संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी अपने स्थानांतरित अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।





