महाराष्ट्र के पूर्व CM अशोक चव्हाण BJP में होंगे शामिल, एक दिन पहले ही छोड़ी थी कांग्रेस

Mumbai News: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
Ashok Chavan
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मुंबई, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने किसी और दल में शामिल होने के सवाल में कहा था कि वह 2-3 दिनों में इसका फैसला करेंगे। अशोक चव्हाण ने BJP में शामिल होने का निर्णय ले लिया है। आज दोपहर 12 बजे अशोक भाजपा के मुंबई स्थित दफ्त्तर पहुंचेंगे और पार्टी की सदस्यता ले लेंगे।

अशोक चव्हाण का नांदेड़ और उसके आसपास के विधानसभा में अच्छी पकड़ है

अशोक चव्हाण भोकर सीट से विधायक थे और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य थे। उन्होंने साल 2014 में नांदेड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। वहीं अमरावती से निर्दलीय विधायक रवि राणा ने बताया कि 10-15 विधायक अशोक चव्हाण के संपर्क में हैं। कहा जाता है कि अशोक चव्हाण का नांदेड़ और उसके आसपास के विधानसभा में अच्छी पकड़ है। वैसे भी नांदेड़ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का गृह जिला है।

शंकरराव चव्हाण की ही बदौलत मराठवाड़ा में कांग्रेस ने अपनी मजबूती बनायीं

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कांग्रेस का बड़ा चेहरा हैं। वह पार्टी के हर मुश्किल समय साथ खड़े देखे गए। साल 2014 में मोदी लहर के बावजूद उन्होंने नांदेड़ सीट से कांग्रेस को जीत दिलाई थी। अशोक चव्हाण औरंगाबाद जिले की पैठण तहसील से संबंध रखते हैं। लेकिन उनके पूर्वज नांदेड़ आकर बस गए थे और यही रहने लगे। इसलिए वह अब नांदेडकर कहलाते हैं। उनके पिता शंकरराव चव्हाण भी राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वो दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे थे। अशोक चव्हाण को राजनीति विरासत से मिली है। उनके पिता उनके राजनीतिक गुरु कहे जा सकते हैं। उनके पिता शंकरराव चव्हाण की ही बदौलत मराठवाड़ा में कांग्रेस ने अपनी मजबूती बनायीं और सत्ता विरोधी लहर भी कांग्रेस का यहां कुछ भी नहीं बिगाड़ पायी।

अशोक चव्हाण के साथ विवादों का रिश्ता भी रहा है

अशोक चव्हाण के साथ विवादों का रिश्ता भी रहा है। वह 8 दिसंबर 2008 से 9 नवंबर 2010 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे और उनका नाम आदर्श इमारत घोटाले से जुड़ा। जिसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। साल 2014 में मोदी लहर के बावजूद वह कांग्रेस को नांदेड़ सीट से जीत दिलवाने में कामयाब रहे थे। उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया गया था।

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