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पश्चिम रेलवे की संरक्षा समीक्षा बैठक में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्‍मान

मुंबई, 19 जून, (हि. स.)। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल ने संरक्षा समीक्षा बैठक में संरक्षा के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान कंसल ने 27 कर्मचारियों को सुरक्षित रेल परिचालन के लिए उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। इन कर्मचारियों को फरवरी, 2021 से अप्रैल, 2021 के दौरान आकस्मिक घटनाओं को रोकने तथा सुरक्षित रेल परिचालन में उनके योगदान तथा ड्यूटी में उनकी तत्परता को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया गया। इस बैठक में पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य विभागाध्यक्ष, सभी मंडल रेल प्रबंधकों तथा वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने वर्चुअली भाग लिया। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार, हाल में आयोजित हुई संरक्षा समीक्षा बैठक की शुरुआत में कंसल ने सभी कार्य क्षेत्रों में संरक्षा को अपनाने तथा हमेशा सजग और तत्पर रहने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि डिप लॉरी को प्लेटफॉर्म या ट्रैक के किनारे अनगार्ड न रहें। कंक्रीट मिक्सचर, रोलर इत्यादि मशीनें ट्रैक पर कार्य के दौरान सुरक्षित रूप से रखी जायें। कंसल ने सेक्शन में पड़ी हुई रिलीज की गई रेलों को क्लियर करने की मॉनिटरिंग करने को भी कहा। उन्होंने ट्रेन परिचालन को और सुरक्षित बनाने के लिए जल्द से जल्द ट्रैक सर्किट की सभी खामियों को दूर करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान फायर अलार्म सिस्टम की भी समीक्षा की गई। कंसल ने यह भी निर्देश दिया कि ट्रैक पर काम करने वाले सभी कर्मी ड्यूटी के दौरान बेहतर दृश्यता के लिए चमकने वाली जैकेट पहनें, जिससे उनकी संरक्षा सुनिश्चित हो सके। महाप्रबंधक ने सभी रेल कर्मियों को अपनी बारी आने पर वैक्सिन अवश्य लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कंसल ने पुरस्कार पाने वाले कर्मचारियों की सतर्कता एवं कार्य के प्रति लगन की प्रशंसा की। पुरस्कृत कर्मचारियों में मेल ट्रेन के लोको पायलट शिवचंद शामिल हैं, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान प्रजेंस ऑफ माइंड एवं अनुकरणीय सजगता दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर एक दुर्घटना को होने से बचाया। एक अन्य घटना में टेक्निशियन सुरेन्द्र परमार ने नाडियाड स्टेशन पर ट्रैक में फंसी हुई एक महिला को देख अपनी जान का खतरे में डाल कर तुरंत ट्रैक पर उतरकर उसे प्लेटफॉर्म पर खींचा और उस महिला की जान बचाई। एक अन्य घटना में वाणगांव के स्टेशन मास्टर महेश मीणा ने गुजरती हुई गुड्स ट्रेन में भारी चिंगारी को देखा। उन्होंने तुरंत दहानु रोड के स्टेशन मास्टर को इसे एक्जामिन करने को कहा। दहानु रोड पर पॉइंट्समैन और गार्ड द्वारा किये गये परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि एक वैगन में हैवी मेटल डिपॉजिट हो गया था। वैगन को रेक से निकालकर आइसोलेट कर दिया गया। मीणा की सजगता और तुरंत निर्णय क्षमता से एक आकस्मिक घटना टाली जा सकी। हिन्दुस्थान समाचार/दिलीप

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