मुंबई, 19 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि कोरोना महामारी जैसा ही जलवायु परिवर्तन भी गंभीर संकट है। परिणाम अब आपके दरवाजे तक आ गया हैं। बेमौसम बारिश, सूखा, ओलावृष्टि, तूफान जैसी लगातार आपदाएं जलवायु परिवर्तन का परिणाम हैं। पिछले साल इसके लिए सरकार ने करीब 13 हजार करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी है। अब हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रोकने के लिए और अधिक सतर्क रहना होगा। मेरी वसुंधरा अभियान पुरस्कार प्राप्त पंचायतराज संस्था के अधिकारी, जिलाधिकारी, विभागीय आयुक्त के साथ आदित्य ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए के बातचीत करते हुए उक्त बातें कहीं। इस बैठक में फिल्म अभिनेता आमिर खान, निर्देशक सत्यजीत भटकल, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आयुक्त इकबाल सिंह चहल, पर्यावरण एवं वातावरण परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव मनिषा म्हैसकर, नासिक विभागीय आयुक्त राधाकृष्ण गमे, मेरी वसुंधरा अभियान के निदेशक सुधाकर बोबडे सहित पुरस्कार विजेता जिलाधिकारी, जि.प. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगरपरिषद के मुख्याधिकारी, ग्रामपंचायत अधिकारी आदि इस संवाद में शामिल हुए। आदित्य ने कहा कि मुंबई में कचरा वर्गीकरण का प्रयोग सफलतापूर्वक लागू किया गया। इससे पहले 10 हजार मीट्रिक टन कचरा पैदा हो रहा था लेकिन सूखे और गीले कचरे का वर्गीकरण शुरू होने के बाद कचरे की मात्रा साढ़े छह हजार मीट्रिक टन पर आ गई है। शहर में बड़े पैमाने पर मियावाकी के जंगल बनाए जा रहे हैं। साइकिल ट्रैक, सीवेज उपचार, समुद्री जल को मीठे पानी में परिवर्तन, महामार्गों को हरा-भरा करने जैसी विभिन्न परियोजनाएं शुरू की गई हैं। सभी की भागीदारी से पर्यावरण की रक्षा के लिए व्यापक योजना शुरू किए जाएं। फिल्म अभिनेता आमिर खान ने मेरी वसुंधरा अभियान के विभिन्न उपक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस अभियान के माध्यम से अत्यंत बुनियादी मसलों पर काम किया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को बड़े पैमाने पर जागरूक करना आवश्यक है। इस विषय पर फिल्म के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा सकता है। इस संदर्भ में हम निश्चित रूप से विचार करेंगे। पानी फाउंडेशन के माध्यम से इस अभियान को योगदान दिया जाएगा। मुंबई शहर में साइकिल ट्रैक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। हम फिल्म उद्योग के सभी वर्गों को साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। बीएमसी आयुक्त चहल ने बताया कि समुद्र के खारे जल को मीठा करने की परियोजना हाथ में ली गई है। इस परियोजना से पानी शहर को मिलेगा। हिन्दुस्थान समाचार/विनय





