नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि वे बार-बार विवादों में न पड़ें, क्योंकि इससे सरकार की साख पर असर पड़ रहा है और विपक्ष को हमले का मौका मिल रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद फडणवीस ने करीब 30 मिनट तक मंत्रियों के साथ अलग से बातचीत की और उन्हें निर्देश दिए कि कोई भी विवादास्पद बयान या गतिविधि अब सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा, “मुझे ऐक्शन लेने के लिए मजबूर न करें।”
कैबिनेट बैठक के बाद CM फडणवीस का सख्त संदेश
एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद फडणवीस ने अधिकारियों को कैबिनेट हॉल से बाहर भेज दिया और मंत्रियों के साथ लगभग 30 मिनट तक बंद दरवाजों के पीछे विशेष बैठक की। इस दौरान फडणवीस ने मंत्रियों को स्पष्ट सलाह दी कि वे मीडिया से अनावश्यक बातचीत से बचें और अपना ध्यान पूरी तरह विकास कार्यों पर केंद्रित रखें। राज्य के एक मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर किसी मंत्री का नाम किसी विवाद में आता है तो तुरंत स्पष्टीकरण दें, लेकिन किसी भी हाल में नया विवाद न खड़ा करें।” उन्होंने यह भी दोहराया कि उन्हें किसी कार्रवाई करने के लिए मजबूर न करें, इसलिए सभी मंत्री संयम और जिम्मेदारी से काम लें।
‘कम बोलें, ज्यादा काम करें'”
मुख्यमंत्री फडणवीस की यह सख्त चेतावनी ऐसे वक्त में आई है जब हाल के दिनों में राज्य सरकार के कई मंत्री लगातार विवादों में घिरते नजर आए हैं। कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे और गृह राज्यमंत्री योगेश कदम पर लगे आरोपों को लेकर विपक्ष ने उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार इन मंत्रियों से इस्तीफा नहीं लेगी। उन्होंने कैबिनेट बैठक के बाद अपने संदेश में सभी मंत्रियों को निर्देश दिया, “कम बोलें और ज्यादा काम करें।” फडणवीस ने दोहराया कि यदि कोई विवाद उठता है, तो तुरंत खंडन करें और ऐसी कोई भी गतिविधि न करें जिससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचे।
विवादों से घिरे मंत्री, फडणवीस ने दिखाई सख्ती
फडणवीस की कड़ी चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार के कई मंत्री गंभीर विवादों में घिर गए हैं। सबसे ताजा मामला कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे का है, जिनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे राज्य विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मोबाइल पर रम्मी खेलते नजर आए। इस घटना को लेकर विपक्ष और किसान संगठनों ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। विवाद तब और गहरा गया जब कोकाटे ने बयान दिया, “सरकार भिखारी है, किसान नहीं,” जिसे लेकर खुद मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई।
इधर, सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के बेटे का नाम छत्रपति संभाजीनगर के एक होटल की बिक्री से जुड़ी कथित टेंडर प्रक्रिया में सामने आया है। इस मामले की जांच के आदेश स्वयं मुख्यमंत्री ने दिए हैं। इसके अलावा, एक और वायरल वीडियो में मंत्री शिरसाट को उनके घर में कथित तौर पर नकदी से भरा एक बैग रखते हुए देखा गया है। यह वीडियो मानसून सत्र के दौरान का बताया जा रहा है।
विवादों से घिरी महायुति सरकार
गृह राज्यमंत्री योगेश कदम पर अवैध रेत खनन और अपनी मां के नाम पर डांस बार चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। वहीं, मंत्री संजय राठौड़ को ट्रांसफर मामलों में और दादाजी भूसे को भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा है। मृदा और जल संरक्षण मंत्री संजय राठोड भी अपने विभाग की भर्ती और नियुक्तियों को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। इन सभी घटनाओं ने महायुति सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया है, खासकर पावसाळी अधिवेशन के दौरान, जब स्वस्थ चर्चा की बजाय विवादों ने सुर्खियां बटोरीं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंत्रियों से कड़ा निर्देश दिया है कि वे विवादों से दूर रहें, मीडिया में गैर-जरूरी बयानबाजी से बचें और पूरी ऊर्जा जनहित के विकास कार्यों पर केंद्रित करें।





