नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र में करीब दो साल पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ओर शिवसेना (बाला साहब ठाकरे) के दो फोड़ होने के बाद मुख्य रुप से क्षेत्रीय पार्टी के तौर पर एनसीपी अजित पवार और शिवसेना शिंदे गुट का उदय हुआ। एनसीपी अजित गुट और शिवसेना शिंदे गुट फिलहाल महायुति गठबंधन में सरकार चला रहे हैं और सूबे की सियासत में मुख्य भूमिका निभा रहे है। इस बीच, एनसीपी अजित वाला गुट वापस सुलह कर शरद पवार के साथ आने के अटकलें तेज हुई थी कि इस पर अब विराम लग गया है।
महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में में करीब 2 दशक बाद ठाकरे भाई साथ आते दिख रहे हैं। इस बीच अचानक ये कयास भी लगने लगे कि चाचा-भतीजा, यानी शरद पवार और अजित पवार भी सुलह कर सकते हैं। इन अटकलों के बाद से महाराष्ट्र का सियासी पारा हाई हो गया है। हालांकि, अब सुनील तटकरे के बयान ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
अभी तक कहीं कोई चर्चा
महाराष्ट्र में दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विलय को लेकर NCP प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने इस संबंध में बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि दोनों NCP के बीच कहीं कोई चर्चा नहीं हो रही है। ऐसी कोई बातचीत नहीं चल रही।” किसी भी तरह की कोई बातचीत होती है तो हम पार्टी के वरिष्ट नेताओं से मंथन विचार कर ही आगे का निर्णय लेंगे, लेकिन फिलहाल तो पार्टियों के बीच विलय की खबरें सिर्फ अफवाह है। दोनों गुटों के बीच कोई बात नहीं हो रही।
‘BJP से चर्चा के बिना नहीं होगी कोई बात’
अजित पवार खेमे के नेता सुनील तटकरे ने बड़ा दावा किया, “अब हम NDA (महायुति) में हैं और यहीं रहने का संकल्प ले चुके हैं। NDA में हमारी भागीदारी साफ है। आज कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन अगर ऐसा कोई मुद्दा है, तो हम BJP के सीनियर नेताओं से इस पर चर्चा करेंगे और उसके बाद में ही इस पर फैसला करेंगे।”





