back to top
25.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

अन्ना हजारे करेंगे भूख हड़ताल, 30 जनवरी से अनशन का किया ऐलान, जानिए क्‍या है वजह ?

समाजसेवी अन्ना हजारे महाराष्ट्र में सशक्त लोकायुक्त कानून लागू कराने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक कानून लागू नहीं होता।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । समाजसेवी अन्ना हजारे ने 30 जनवरी 2026 से भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है। यह अनशन महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून को लागू कराने की मांग को लेकर होगा। अन्ना हजारे रालेगन सिद्धि से अपनी हड़ताल की शुरुआत करेंगे। 

सूत्रों के अनुसार, अन्ना ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर अपनी भूख हड़ताल की योजना की जानकारी दी है। महाराष्ट्र सरकार ने पहले 28 दिसंबर 2022 को विधानसभा और 15 दिसंबर 2023 को विधान परिषद से लोकायुक्त बिल पास किया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। यही वजह है कि अन्ना हजारे ने अनशन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

सशक्त लोकायुक्त कानून की बेहद जरूरत – अन्ना हजारे

अन्ना हजारे ने सरकार के साथ कई बैठकों का जिक्र करते हुए कहा कि देश कानून के आधार पर चलता है और संसद व विधानसभा का मुख्य कार्य ही कानून बनाना है। उन्होंने कहा “मैंने अब तक 10 कानून बनाने में योगदान दिया है, लेकिन अब राज्य में एक सशक्त लोकायुक्त कानून की बेहद जरूरत है।” उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार और उनके बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं और सरकार ने आश्वासन भी दिया, लेकिन अभी तक कानून लागू नहीं हुआ। इसी कारण उन्होंने साफ कहा कि अगर सशक्त लोकायुक्त कानून लागू नहीं हुआ, तो उन्हें जीने की कोई इच्छा नहीं बची है।

“प्राण रहते समाज की सेवा करूंगा”

अन्ना हजारे ने कहा कि उनका पूरा जीवन देश और समाज की भलाई के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास आरामदायक बिस्तर और खाने की एक प्लेट के अलावा कोई निजी इच्छा नहीं है, सारी प्राथमिकता केवल समाज की सेवा है। अन्ना ने स्पष्ट कहा “जब तक शरीर में प्राण हैं, मैं समाज की भलाई के लिए काम करता रहूंगा।” 

उन्होंने बताया कि 30 जनवरी, जो महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है, उनके अनशन की शुरुआत के लिए इसलिए चुनी गई है क्योंकि गांधीजी के आदर्श उन्हें मार्ग दिखाते हैं। अन्ना ने यह भी कहा कि जब तक लोकायुक्त कानून लागू नहीं होता, उनका अनशन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ी तो मृत्यु भी उसी मार्ग पर स्वीकार करेंगे।

बता दें कि अन्ना हजारे ने 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया था, जिसने जन लोकपाल बिल की मांग को देशभर में प्रमुख मुद्दा बना दिया। उनके नेतृत्व में लाखों लोग सड़कों पर उतरे और “अन्ना, जागो” का नारा आंदोलन की पहचान बन गया। इस आंदोलन का केंद्र दिल्ली का रामलीला मैदान रहा, जहां अन्ना हजारे के नेतृत्व में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन चले। उनके प्रयासों ने भ्रष्टाचार विरोधी जनजागरण को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दी और सरकार पर दबाव बनाया।

Advertisementspot_img

Also Read:

राज्यसभा को लेकर सस्पेंस बरकरार, शिवसेना UBT की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं– ‘मैं उसे लेकर कोई…’

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। 7 सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच सबसे ज्यादा...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...