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MP Election: सांसद से विधायक का टिकट पाने वाले भाजपा नेता फग्गन सिंह कुलस्ते कौन? इनके राजीनीतिक सफर की एक झलक

MP News: मप्र चुनाव के लिए भाजपा की चयन समिति ने कई सांसदों को विधायक का टिकट दिया है, इसमें से एक नाम फग्गन सिंह कुलस्ते का भी है। हमने यंहा उनके राजीनीतिक सफर की एक झलक दिखाने की कोशिश की है।

मध्यप्रदेश, रफ्तार डेस्क। भाजपा की चयनित समिति के पैमाने में फिट बैठने पर ही भाजपा अपनी उम्मीदवारों की सूची बनाती है, यहीं से उनकी चुनावों की रणनीति शुरू होती है। भाजपा की इसी चुनावी रणनीति के तहत विधानसभा चुनाव में जीत पाने के लिए भाजपा ने अपना भरोसा फग्गन सिंह कुलस्ते पर भी जताया है। उनका मंडला लोकसभा क्षेत्र से सांसदी का यह छठा कार्यकाल हैं। बीजेपी ने इन्हे मध्य प्रदेश के निवास से विधानसभा चुनाव 2023 का टिकट दिया है। फग्गन सिंह ने आदिवासियों के हितो के लिए बहुत काम किया है। उनका एक अच्छा राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। जिसको भाजपा मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव में भुनाना चाहती है।

बाबालिया विकास खंड की स्थापना की।

वह मण्डला लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। उन्होंने आदिवासीयों में शिक्षा का प्रचार प्रसार किया। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए, बाबालिया विकास खंड की स्थापना की। वे मध्य प्रदेश से बीजेपी के सबसे बड़े आदिवासी चेहरा हैं। उन्होंने आदिवासियों के लिए बहुत से कार्य किये है। बीजेपी ने इन्हे मध्य प्रदेश के निवास से विधानसभा का टिकट देकर विपक्षी दलों की मुश्किलें बढ़ा डाली है।

प्रोफाइल पर एक नजर

नाम :- फग्गन सिंह कुलस्ते

जन्म :- 18 मई 1959

जन्म स्थान :- बारबाती जिला मंडला, मध्य प्रदेश

शिक्षा :- एमए, बी.एड और एल.एल.बी.

राजनीतिक यात्रा की शुरुआत :- उनकी राजनीतिक शुरुआत वर्ष 1988 में भाजपा के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में हुई थी।

उनके जन्म, शिक्षा और परिवार का विवरण

फग्गन सिंह का जन्म 18 मई 1959 को बारबाती जिला मंडला, मध्य प्रदेश में हुआ था। उन्होंने एमए की पढाई 1982 में सागर विश्वविद्यालय से की, बी.एड. की पढाई 1984 -85 में जबलपुर विश्वविद्यालय और एल.एल.बी. की पढ़ाई 1992 में जबलपुर विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश से की। फग्गन सिंह कुलस्ते का विवाह श्रीमती सावित्री कुलस्ते से हुआ है। उनकी 3 बेटियां और 1 बेटा है।

उनकी राजनीतिक यात्रा

वे 7 जुलाई 2021 से केंद्रीय राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्रालय और 30 मई 2019 से केंद्रीय राज्य मंत्री, इस्पात मंत्रालय का पदभार संभाल रहे हैं।

वह मई 2019 से मण्डला लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। उन्होंने 1 सितंबर 2017 – 25 मई 2019 तक सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति के सदस्य का पदभार संभाला था। 1 सितंबर 2017 – 25 मई 2019 तक मानव संसाधन विकास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य का पदभार संभाला। 5 जुलाई 2016 – 3 सितंबर 2017 तक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री का पदभार संभाला।

29 जनवरी 2015 – 5 जुलाई 2016 तक सामान्य प्रयोजन समिति के सदस्य और सलाहकार समिति, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सदस्य का कार्यभार संभाला। 1 सितंबर 2014 – 5 जुलाई 2016 तक कोयला और इस्पात संबंधी स्थायी समिति के सदस्य का पदभार संभाला।

14 अगस्त 2014 – 5 जुलाई 2016 तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण संबंधी समिति के अध्यक्ष का पदभार संभाला। मई, 2014 16वीं लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित (5वीं बार) और सांसद बने।

2013 में ग्रामीण विकास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य और अगस्त 2012 से शहरी विकास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य का कार्यभार संभाला। मई 2012 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण संबंधी समिति के सदस्य बने। मई 2012 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता समिति के सदस्य बने। अप्रैल 2012 – 2014 राज्यसभा के लिए चुने गए और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की सलाहकार समिति, कोयला और इस्पात समिति के सदस्य बने।

2004 – 2009 तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण संबंधी समिति के सदस्य का कार्यभार संभाला। 2004 को 14वीं लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित (चौथा कार्यकाल) और सांसद बने। 22 नवंबर 1999 – मई 2004 तक जनजातीय कार्य मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री का पदभार संभाला। अक्टूबर-नवंबर. 1999 तक केंद्रीय राज्य मंत्री, संसदीय कार्य का पदभार संभाला।

1999 13वीं लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित (तीसरा कार्यकाल) और सांसद बने। इसी वर्ष सलाहकार समिति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सदस्य और संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 1996 पर चयन समिति के सदस्य का कार्यभार संभाला। 1998-99 तक विदेश मामलों की स्थायी समिति और उसकी उप-समिति-II के सदस्य का कार्यभार संभाला।

1998 12वीं लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल) और सांसद बने। उन्हें विदेश मामलों की स्थायी समिति का सदस्य का कार्यभार भी सौपा गया। 1996-97 तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण संबंधी समिति के सदस्य का पदभार संभाला। 1996 में 11वीं लोकसभा के लिए चुने गए और सांसद बने।

1993 से आगे, उन्होंने पंचायत बोर्ड, जिला – मंडला, मध्य प्रदेश के सदस्य का कार्यभार संभाला, उन्होंने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश शासन में संसदीय सचिव का पद भी संभाला। योजना बोर्ड, मध्य प्रदेश सरकार के सदस्य का पदभार भी संभाला।

1990-92 तक मध्य प्रदेश विधान सभा के सदस्य रहे।

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