उज्जैन, एजेंसी। शहर में वायरल फीवर का कहर जारी है। मौसम में रोजाना होने वाले बदलाव, सुबह और रात्रि में ठण्ड तथा दोपहर में तेज गर्मी के चलते बच्चे सबसे अधिक वायरल फीवर के शिकार हो रहे हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि शहर में स्थित प्रायवेट अस्पताल तो इस समय फुल है ही, सरकारी अस्पताल में भी बीमार बच्चों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि बच्चों के सरकारी अस्पताल चरक में एनआईसीयू फुल चल रही है वहीं दो वार्ड भी फुल हो गए हैं। बीमारों की संख्या बढ़ने के चलते सिविल सर्जन डॉ.पी.एन.वर्मा ने सोमवार दोपहर तीसरा वार्ड भी भर्ती के लिए शुरू करवाया। डॉ.वर्मा ने बताया कि अब तीन वार्डो में 80 से अधिक बच्चे भर्ती हैं, जोकि वायरल फीवर से पीड़ित हैं। इसी प्रकार एनआईसीयू में एक दर्जन बच्चे उपचाररत हैं।
बुखार पर रखें नियंत्रण: डॉ राठौर
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.रवि राठौर के अनुसार इस समय वायरल फीवर जोरों पर है। बच्चे बड़ी संख्या में इसके शिकार हो रहे हैं। बुखार तेजी से बढ़ता है,जिस पर नियंत्रण आवश्यक है। चिकित्सक द्वारा लिखी दवाई के अलावा बच्चों के खासकर सिर पर पानी की गिली पट्टियां रखकर बुुखार नियंत्रित करें। चिकित्सक की सलाह पर ही बच्चों को उपचार दें। इस बुखार से बच्चों को हाथ पैर में दर्द की भी शिकायत है।





