नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर एक दिवसीय दौरे पर पहुंचेगे। उनका यह दौरा पूरी तरह भागीरथपुरा जल प्रदूषण त्रासदी से प्रभावित लोगों के लिए समर्पित होगा। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी सीधे मौके पर जाकर पीड़ितों की समस्याएं खुद सुनना और समझना चाहते हैं।
अस्पताल में दूषित जल से भर्ती पीड़ितों से मुलाकात करेंगे
सुबह 9:30 बजे राहुल गांधी विशेष विमान से दिल्ली से रवाना होंगे और करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर उतरेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचेंगे, जहां 11:45 से 12:15 तक अस्पताल में भर्ती पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे भागीरथपुरा क्षेत्र में जाएंगे और 12:45 से 1:45 तक प्रभावित परिवारों से बातचीत करेंगे। दोपहर 2:30 बजे वे इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
संगठनात्मक मुद्दों और जनता की समस्याओं पर भी चर्चा करेंगे
दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। राहुल गांधी स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक कर जमीनी हालात, संगठनात्मक मुद्दों और जनता की समस्याओं पर भी चर्चा करेंगे।
”उनकी आवाज इंदौर तक ही नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचेगी”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता पहले ही दौरे की रणनीति तैयार कर चुके हैं। कांग्रेस का उद्देश्य इस दौरे के माध्यम से सरकार पर जल संकट और पीने के पानी के मुद्दे को उजागर करना है। भागीरथपुरा के लोग लंबे समय से जल संकट और दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, और उनका कहना है कि राहुल गांधी के दौरे से उनकी आवाज इंदौर तक ही नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचेगी।
यह घटना प्रशासन और सिस्टम की नाकामी को दर्शाती है- उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह घटना प्रशासन और सिस्टम की नाकामी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी आम जनता का संवैधानिक अधिकार है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राहुल गांधी जमीनी हकीकत को खुद समझने और पीड़ितों की समस्याओं को सुनने इंदौर आ रहे हैं।
सरकार के सामने जनता की समस्याओं को रेखांकित करेगा
राहुल गांधी का यह दौरा केवल पीड़ितों से मुलाकात तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस के लिए राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर भी माना जा रहा है। उनका यह दौरा इंदौर और आसपास के क्षेत्र में जल संकट की गंभीरता को उजागर करेगा और सरकार के सामने जनता की समस्याओं को रेखांकित करेगा।





