– देवगढ़ थाना क्षेत्र के गुढ़ा-चंबल गांव में एकत्रित कर रखा था अवैध रेत – टास्क फोर्स ने लंबे समय बाद की बड़ी कार्रवाई मुरैना, 29 जून (हि.स.)।बरसात से पहले भारी मात्रा में डंप किए जा रहे अवैध रेत को मंगलवार को जिला प्रशासन ने नष्ट करा दिया। डंप रेत देवगढ़ थाना क्षेत्र के चंबल किनारे के गांव गुढ़ा-चंबल में रखा गया था। वन, खनिज, राजस्व व पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई इस कार्रवाई में करीब एक हजार ट्रॉली रेत जब्त कर उसे नष्ट करने की कार्रवाई की गई। जब्त किए गए रेत की कीमत करीब तीन करोड़ रुपए बताई जा रही है। अवैध रेत के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई से माफिया में हड़कंप मच गया है। लंबे समय बाद मंगलवार को रेत माफिया के खिलाफ वन, खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई देखने को मिली। सुबह करीब चार बजे भारीसंख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारियों ने चंबल किनारे के गांव गुढ़ा-चंबल में दबिश दी। यहां बड़े भू भाग पर करीब एक हजार ट्रॉली रेत रखा गया था। अधिकारी भी रेत के इतने बड़े भण्डार को देखकर दंग रह गए। चूंकि इतने बड़े भण्डारण को परिवहन कर ले जाना संभव नहीं था, इसलिए अधिकारियों ने जेसीबी के माध्यम से रेत को वहीं मिट्टी में मिलवाकर नष्ट कर दिया। इस रेत की कीमत करीब तीन करोड़ रुपए आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान जौरा एसडीएम सुरेश बरहदिया, उप वन मंडल अधिकारी श्रद्धा पांद्रे, एसडीओपी जौरा मानवेन्द्र सिंह, तहसीलदार कल्पना शर्मा सहित चिन्नौनी, देवगढ़, बागचीनी, सरायछौला थानों का पुलिस बल मौजूद था। बताया गया है कि जब प्रशासनिक अधिकारी वहां रखे रेत को नष्ट करवा रहे थे तब रेत माफिया भी एकत्रित होकर आ गए थे, लेकिन भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल को देख रेत माफिया दूर से ही कार्रवाई को देखते रहे। उल्लेखनीय है कि माफिया द्वारा हर साल बरसात से पहले अधिक से अधिक रेत एकत्रित किया जाता है। चूंकि बरसात में नदी में जलस्तर बढऩे की वजह से रेत उत्खनन नहीं हो पाता है। यही वजह है कि माफिया बड़े पैमाने पर बरसात से पहले रेत का भण्डारण कर लेते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/शरद




