नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केन्द्र सरकार द्वारा लाए नए हिट एंड रन कानून के विरोध में डाइवर्स ने बिते दिनों हड़ताल का आयोजन किया गया था। ट्रांसपोर्टरों की ओर से जारी इस देशव्यापी हड़ताल के बाद देश के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। सरकार ने ट्रांसपोर्टरों के साथ सुलह कर के उनसे काम पर लौटने की अपील की, जिसके बाद यह हड़ताल खत्म हुई। इसी बीच मध्य प्रदेश के शाजापुर में ट्रक ड्राइवरों से बात करते हुए कलेक्टर के एक वीडियो खुब सुर्खियां बटोरी। इस वीडियो में कलेक्टर इतने नाराज हो गए कि वो ड्राइवरों को उनकी ‘औकात’ दिखाने लगे। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर की काफी आलोचना हुई। अब मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भी शाजापुर कलेक्टर पर कड़ा एक्शन लिया है।
चालकों से चर्चा करने के लिए बुलाई बैठक
गौरतलब है कि बस-ट्रक चालकों की हड़ताल के बीच मंगलवार को शाजापुर कलेक्ट्रेट में हड़ताल के चलते बने हालात से निपटने और वाहन चालकों से चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में एक ड्राइवर ने कहा था कि तीन दिन तक हमारी हड़ताल है, इसके बाद हम कुछ भी करेंगे। इस पर कलेक्टर किशोर कन्याल भड़क गए थे। उन्होंने कहा था कि समझ क्या रखा है? क्या करोगे तुम, तुम्हारी औकात क्या है? ड्राइवर बोला कि हमारी यही तो लड़ाई है कि हमारी कोई औकात नहीं है। हालांकि बाद में ड्राइवर ने माफी मांग ली थी और मामला शांत हो गया था।
पद से हटाए गए कलेक्टर
शाजापुर में ट्रक डाइवर्स से औकात पूछने वाली घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले में बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल को पद से हटा दिया है। उनकी जगह ऋजु बाफना को शाजापुर कलेक्टर बनाया गया है।
ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में कहा है कि शाजापुर में ट्रक ड्राइवरों की बैठक के दौरान जिस प्रकार की भाषा का उपयोग अधिकारी द्वारा किया गया, वह कतई उचित नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, ” मैं इस घटना से बहुत पीड़ित हूँ, ऐसे प्रकरणों में किसी को क्षमा नहीं किया जा सकता। मनुष्यता के नाते ऐसी भाषा हमारी सरकार में बर्दाश्त नहीं….। मैं खुद मजदूर परिवार का बेटा हूं। इस तरह की भाषा बोलना उचित नहीं है। अधिकारी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आशा करता हूं जो अधिकारी आएगा वह भाषा और व्यवहार का ध्यान रखेगा। मेरे मन में इस बात की पीड़ा है और मैं इस तरह की बात को कभी क्षमा नहीं करूंगा।”
कलेक्टर ने दी थी सफाई
ट्रक ड्राइवर से बहस का वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर किशोर कान्याल ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया था। उन्होंने कहा था कि उनका इरादा किसी को चोट पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि यह बात आहत करने के इरादे से नहीं कही गई थी। “डीएम के कार्यालय ने यह भी कहा कि वह व्यक्ति बार-बार बैठक में खड़ा हो रहा था और चर्चा में व्यवधान पैदा कर रहा था, उन्होंने कहा कि इरादा किसी को चोट पहुंचाने का नहीं था।”
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